अखिल भारतीय जेम्स एंड ज्वैलरी ट्रेड फेडरेशन के सर्वे की मानें तो दीवाली से पहले अक्टूबर के दौरान सिर्फ बीस दिनों में पांच टन सोने की बिक्री हुई इस गरीब देश में। जो पिछले आंकड़ों से 66 फीसदी ज्यादा है। इस साल दुकानों में पहुंचने वाले ग्राहकों की संख्या में भी 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गयी। और यह सब तब है जबकि सोने की कीमतों में पिछले पांच सालों की तुलना में 160 प्रतिशत उछाल आ चुका है।
इस ब्लॉग में एक छोटी सी कोशिश की गई है कि अपने संस्मरणों के साथ-साथ समाज में चली आ रही मान्यताओं, कथा-कहानियों को, बगैर किसी पूर्वाग्रह के, एक अलग नजरिए से देखने, समझने और सामने लाने की ! इसके साथ ही यह कोशिश भी रहेगी कि कुछ अलग सी, रोचक, अविदित सी जानकारी मिलते ही उसे साझा कर ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जा सके ! अब इसमें इसको सफलता मिले, ना मिले, प्रयास तो सदा जारी रहेगा !
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3 टिप्पणियां:
सही कहा आपने। सोने की कीमत बढ़ती जा रही है लेकिन लोगों में उसे खरीदने का उत्साह कहीं से भी कम नजर नहीं आ रहा है।
शेयर बाजारों की कमजोर होती हालत की वजह से भी यह हो सकता है
शर्मा जी बहुत पत्ते की बात कही आप ने, सच मै ..हाय ,कितने गरीब है *हम*कारण हमारी नियत नही भरती, वो हमेशा भुखी रहती है..
आपको को स्वपरिवार दीपावली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाऐं.
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