अवचेतन मन-मष्तिष्क को लगातार सकारात्मक संदेश, अच्छे विचार प्रेषित किए जाएं तो वह निराशा से उबर जाता है ! हमें बचपन से बताया जाता रहा है कि ईश्वर सभी जगह विद्यमान है और वह अपने बच्चों की सदा रक्षा करता है, तो हमें उसी की उपस्थिति का एहसास अपने अवचेतन को देते रहना है ! हमें भी अपने प्रभु को अपने आस-पास होने का एहसास करना है ! उसे महसूस करने की आदत डालनी है, यह सब इतना आसान नहीं है पर मुश्किल भी नहीं है ........!
#हिन्दी_ब्लॉगिंग
दु निया में शायद सबसे मुश्किल काम है हमेशा खुश रहना ! जिसको देखो वह दूसरे को सलाह देता है कि चिंता छोड़ो खुश रहो ! यह कहना बहुत आसान है ! पर हकीकत में लाना बहुत ही कठिन ! पहले यह माना जाता था कि आदमी जितना ज्यादा दवाब में रहता है वह उतना ही ज्यादा निखरता है ! पर आजकल परिस्थितियां बहुत बदल गई हैं ! लोग, यहां तक की बच्चे-किशोर तक ज्यादा दबाव के कारण मानसिक रोगी बन जाते हैं ! सर्वाधिक लोगों को ऐसा लगता है कि हम सब जी तो रहे हैं, क्योंकि और कोई चारा भी नहीं है, पर बतौर अमिताभ उन्हें लगने लगता है कि ''ये जीना भी कोई जीना है !''
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| तनाव |
अ धिकतर लोगों की आर्थिक स्थिति संतोषजनक ना होने के कारण वे हमेशा तनाव में रहते हैं ! पर जो संपन्न हैं, वे भी परेशान हैं ! पैसा बहुत सी चीजों का हल है, पर सभी का नहीं ! इसलिए जब कभी भी सुख का कोई छोटा-मोटा पल मिल भी जाए तो उसको भी भरपूर जिएं ! कब तक हताशा-निराशा के गर्त में डूबे रहेंगें ! इससे उबरना है ! इसके लिए किसी से कोई अपेक्षा ना रखें ! दूसरों को खुश रखने की कोशिश ना करें ! अपने मन की सुनें ! अपना मनपसंद काम या शौक पूरा करते रहें ! खुद को किसी से कमतर ना समझें !
इस सबके अलावा हमें खुश रहने के और भी तरीके तो खोजने ही होंगे ! क्योंकि जो जीवन मिला है उसको काटना नहीं है बल्कि उसका आनंद लेना है ! बीती ताहि बिसारनी है, आगे की सुध लेनी है ! क्योंकि जो बीत गया उसे तो सुधारा नहीं जा सकता पर उससे सीख जरूर ली जा सकती है, जिससे वर्तमान का ख्याल रखा जा सके और वह बुरा भूत ना बन सके ! बीते हुए समय का कुछ याद करना ही है तो उसके खूबसूरत पल, परिवार-दोस्तों के साथ बीता यादगार समय, अपनी कोई उपलब्धि याद करें !
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| खुशहाली |
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| अवचेतनता |
@चित्रों के लिए अंतर्जाल का हार्दिक आभार
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