नाउरू की अपनी कोई राजधानी नहीं है, उसका सारा प्रशासनिक काम यहां के यारेन (Yaren) नाम के कस्बे से संचालित होता है ! उसे ही प्रशासनिक केंद्र माना जाता है। कुछ जिलों में विभक्त इस कस्बे में संसद भवन, हवाई अड्डा, सरकारी कार्यालय और विदेशी दूतावास मौजूद हैं। इसीलिए इस कस्बे को इस देश का “डि फैक्टो कैपिटल” कहा जाता है। यह अनोखी व्यवस्था नाउरू के छोटे आकार, प्रशासनिक सुविधा और उसकी अपनी अलग पहचान को दर्शाती है...............!
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रा जधानी किसी भी देश, प्रदेश या राज्य का प्रमुख शहर तथा राजनीतिक केंद्र होता है। यह विशेष दर्जा उसे उस देश के संविधान द्वारा प्रदत्त किया जाता है। यह एक ऐसा शहर होता है, जहां केंद्र सरकार के सारे दफ्तर होते हैं और जहां से सरकार चलती है, कानून बनते हैं, कानून और संविधान का निर्धारण किया जाता है और देश की दिशा तय होती है। आज दुनिया में करीब 195 देश हैं। हर देश की अपनी राजधानी है। लेकिन इसी दुनिया में एक देश ऐसा भी है, जिसकी कोई राजधानी नहीं है, फिर भी वह संयुक्त राष्ट्र का सदस्य है। उसका अपना संविधान है, अपना झंडा है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उसकी मौजूदगी भी है। इस देश का नाम है नाउरू (Nauru).
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| नाउरू |
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द्वीपीय देश
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कभी प्लीजेंट-आइलैंड के नाम से जाना जाने वाला नाउरू, दुनिया का अकेला ऐसा देश है जिसकी कोई आधिकारिक राजधानी नहीं है। यह द्वीपीय देश दक्षिणी प्रशांत महासागर में स्थित है। जहां इसके 21 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में सिर्फ दस हजार की आबादी रहती है ! जो इसे दुनिया का क्षेत्रफल के हिसाब से तीसरा और आबादी के हिसाब से दूसरा सबसे छोटा स्वतंत्र गणराज्य बनाती है ! अपने छोटे से क्षेत्र के बावजूद यह किसी भी महाद्वीप से जुड़ा हुआ नहीं है। इसका निकटतम पड़ोसी बनाबा द्वीप है जो इससे तकरीबन तीन सौ किमी दूर है !
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| प्राकृतिक सौंदर्य |
ना उरू की अपनी कोई राजधानी नहीं है, उसका सारा प्रशासनिक काम यहां के यारेन (Yaren) नाम के कस्बे से संचालित होता है ! उसे ही प्रशासनिक केंद्र माना जाता है। कुछ जिलों में विभक्त इस कस्बे में संसद भवन, हवाई अड्डा, सरकारी कार्यालय और विदेशी दूतावास मौजूद हैं। इसीलिए इस कस्बे को इस देश का “डि फैक्टो कैपिटल” कहा जाता है। यह अनोखी व्यवस्था नाउरू के छोटे आकार, प्रशासनिक सुविधा और उसकी अपनी अलग पहचान को दर्शाती है।
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| हवाई पट्टी |
ना उरू की अर्थ व्यवस्था को संभालने वाले खनिज पदार्थ लगभग समाप्त हो चुके हैं। इस छोटे से देश में जहां सिर्फ दो घंटे में सारा क्षेत्र नाप लिया जा सकता है ! जहां खूबसूरत समुद्री तट और शांत वातावरण भी है ! पर घूमने के लिए ज्यादा जगहें ना होने के कारण यहां पर्यटन विकसित नहीं हो पाया है ! इसीलिए यहां के वाशिंदों की जीविका नारियल की उपज और समुद्री मछलियों के सहारे ही चलती है ! आर्थिक रूप से यह ऑस्ट्रेलिया पर निर्भर है और उसका संरक्षण इसे प्राप्त है ! इसकी आधिकारिक मुद्रा भी आस्ट्रेलियाई डॉलर ही है। वैसे अपने अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से यह बाकी दुनिया से भी जुड़ा हुआ है।
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| संतुष्ट, खुशहाल जिंदगी |
छोटे-बड़े द्वीपों से मिलकर बने नाउरू की खासियत यह है कि अपनी बेहद छोटी आबादी के बावजूद इसने अपने प्रमुख खेल वेटलिफ्टिंग के जरिए ओलंपिक, कॉमनवेल्थ और दूसरे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सिर्फ अपनी उपस्थिति ही दर्ज नहीं करवाई, बल्कि वहां पदक भी जीते हैं। जो यहां के नागरिकों के लिए गर्व का विषय है !
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| देश का गौरव |
नाउरू का अपनी राजधानी ना बनाने का सिर्फ एक ही कारण है, उसका छोटा आकार ! सिर्फ 21 वर्ग किलोमीटर की जमीन पर बसी हुई उसकी आबादी, बस्तियां और उनकी दूरियां एक-दूसरे में जैसे घुलमिल सी गई हैं। इसीलिए एक अलग राजधानी जैसा शहर बनाने की कभी जरूरत ही महसूस नहीं की गई। वैसे यह देश इस बात का प्रमाण है कि किसी भी देश के नागरिकों की जिजीविषा ही देश को स्थाईत्व प्रदान करती है ! यदि वहां के लोगों का हौसला बुलंद हो, तो देश की आबादी या उसका क्षेत्रफल कोई मायने नहीं रखता !
@सभी चित्र अंतर्जाल के सौजन्य से 🙏