गुरुवार, 16 अक्तूबर 2008

'उपहार' जिसे लेने में अमेरीका हिचकता रहा

ऐसा ही हुआ था। अमेरीका अपनी स्वाधीनता की शताब्दी बड़े धूमधाम से मना रहा था। उनकी खुशी में खुद को शामिल करते हुए और अपनी मैत्री को मजबूत करने के लिए फ्रांस ने एक बेहतरीन तोहफा पेश करने की पेशकश की। परन्तु अमेरीका उसे स्वीकारने से हिचकिचाता रहा। कारण था उस तोहफे की स्थापना पर आनेवाला एक लाख डालर का खर्च। तोहफा था, स्वातंत्र्य प्रतिमा "Statue of Liberty"
इस प्रतिमा को फ्रांसीसी शिल्पकार फ्रैडरिक आगस्ट बार्थोल्डी ने बनाया था। इस पर लागत आयी थी करीब 2,50,000 डालर। जिसकी व्यवस्था फ्रांसीसी जनता ने स्वेच्छा से चंदा देकर की थी। फ्रांस ने इसके गढ़ने का खर्च उठाया था, पर इसकी स्थापना की जिम्मेदारी अमेरीकियों पर थी। न्यूयार्क के गवर्नर ने इस मैत्री प्रतीक को गले का फंदा ही कह दिया था। वहीं एक प्रमुख दैनिक ने इसे ऊल-जलूल रचना करार दिया तो एक दूसरे पत्र ने तो इसको बेच कर कुछ रकम कमाने की नसीहत ही दे डाली थी। अर्से तक यह प्रतिमा, जो आज अमेरीका का गौरव है, उपेक्षित सी पेरिस में ही पड़ी रही। लेकिन जोजेफ पुलित्जर ने, जो न्यूयार्क वर्ल्ड के प्रकाशक थे, इस कलात्मक प्रतिमा को अमेरीका लाने के उद्देश्य से एक कोष की स्थापना की, जिसमें देखते ही देखते लाखों डालर जमा हो गये। इसी बीच अमेरीकी कांग्रेस ने इसकी स्थापना के लिए बेडलोज टापू के उपयोग की स्वीकृति भी दे दी। जिसे सन 1960 में 'लिबर्टी आइलैंड' का नाम दिया गया।
सारी बाधाएं दूर होने पर May 1885 में, प्रतिमा को विखंडित कर, 214 बक्सों में बंद कर, इसेरो नामक जहाज में लाद कर बेडलोज टापू पर लाया गया और 4 जुलाई 1886 को अपने स्थान पर स्थापित कर दिया गया। 151 फीट ऊंची, तांबे की सवा तीन इंच मोटी चादर से बनी इस प्रतिमा का कुल वजन 4,50,000 पौंड है। इसकी दहिनी भुजा की लंबाई 42 फीट है, जो 29 फीट 2 इंच बड़ी मशाल थामे हुए है। इसके बायें हाथ में 23 फीट की एक चौकोर पट्टिका है, जिस पर 4 जुलाई 1886 अंकित है। अपने आधार स्तंभ, जिसकी ऊंचाई 149 फीट है, को लेकर इस प्रतिमा की कुल ऊंचाई 300 फीट है।
सन 1924 में इसे राष्ट्रीय स्मारक घोषित कर दिया गया। आज इसे देखने के लिए दुनिया के कोने-कोने से भीड़ उमड़ती है और कोई दिन ऐसा नहीं जाता जब बैट्री पार्क से यात्रियों को ले जाने वाले स्टीमर को कुछ आराम मिल पाता हो।

3 टिप्‍पणियां:

राज भाटिय़ा ने कहा…

शर्मा जी धन्यवाद आप ने अच्छी जान कारी दी,
धन्यवाद.
आप का ध्यान एक गलती की ओर करवा रहा हूं , कृप्या ठीक कर ले....
**जिसे सन 1960 में 'लिबर्टी आइलैंड' का नाम दिया गया।
मुझे लगता है आप ने १८६० के स्थान पर १९६० लिख दिया है.

संजीव तिवारी ने कहा…

प्रणाम अग्रज, हमेशा की तरह, हमारे ज्ञान में इजाफा करने के लिए, आभार ।

Alag saa ने कहा…

भाटिया जी,
मेरे पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार, काफी वर्षों के बाद बेडलोज टापू को लिबर्टी आइलैंड का नाम मिला था। जो प्रतिमा के नाम के कारण रखा गया था, जिसकी स्थापना 1886 में हुई थी।
हो सकता है कि मेरी जानकारी गलत हो सो कृपया इस बारे में सही तथ्य का पता लगा मुझे बता सकें तो आभारी हूंगा।
प्लीज अन्यथा ना लिजिएगा।

विशिष्ट पोस्ट

कोई तो कारण होगा, धर्म स्थलों में प्रवेश के प्रतिबंध का !!

अभी कुछ दिनों पहले कुछ तथाकथित आधुनिक महिलाओं ने सोशल मिडिया पर गर्व से यह  स्वीकारा था कि माह के उन  कुछ ख़ास दिनों में भी वे मंदिर जात...