गुरुवार, 6 मई 2010

आखें, आप इन्हें पंद्रह मिनट दें ये आपका उम्र भर साथ देंगी.

किताबें, कंप्यूटर, लैपटाप, सेलफोन, धूल-मिट्टी, तनाव और भी ना जाने क्या-क्या, यह सब धीरे-धीरे हमारी आंखों के दुश्मन बनते जा रहे हैं। पहले जरा से साफ पानी के छीटों से ही ये अपने आप को दुरुस्त रख लेती थीं। पर लगातार इनकी अनदेखी अब इन पर भारी पड़ने लगी है। काम में मशगूल हो, "जंक फूड़" खा, विपरीत परिस्थितियों में देर तक काम कर लोग अंधत्व को न्यौता देने लग गये हैं। लगातार कंप्यूटर आदि पर काम करने से आंखों के गोलकों पर भारी दवाब पड़ता है जिससे छोटी-छोटी नाजुक शिरायें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं इससे खून का दौरा बाधित हो नुक्सान पहुंचाता है और मजे की बात यह कि इतना सब घट रहा होता है पर पता नहीं चलता। डाक्टरों का कहना है कि लोग काम में ड़ूब कर पलकें झपकाना ही भूल जाते हैं जो की आंखों की बिमारी का एक बड़ा कारण है। उनकी सलाह है कि रोज कम से कम 15 मिनट का आंखों का व्यायाम और थोड़ी सी देख-भाल कर इन्हें स्वस्थ रखा जा सकता है।

देख-भाल :- कंप्यूटर पर काम करते समय 15-20 मिनटों के बाद कुछ देर के लिए विश्राम जरूर लें। शुगर की बिमारी हो तो बकायदाजा चेक-अप करवाना जरूरी है। इस बिमारी का आंखों से "ईंट कुत्ते" का बैर है।
आंखों की नियमित जांच करवाते रहना चाहिये।

व्यायाम :- रोज 15 मिनट का आंखों का व्यायाम काफी है इन्हें सुरक्षित रखने के लिए।एक बड़ी सी घड़ी की कल्पना करें। फिर आंखें बंद कर उसके हर अंक पर नजर ड़ालें, तीन सेकेंड़ रुकें फिर घड़ी के मध्य में आ जाएं। इस तरह सारा चक्कर पूरा कर आंखों पर बिना जरा सा भी दवाब ड़ाले हथेलियां रख पांच बार घड़ी की दिशा में और पांच बार विपरीत दिशा में आंखें घुमाएं। फिर हाथ हटा जल्दी-जल्दी बीस बार पलकें झपकाएं।

हाथ में एक पेंसिल ले बांह पूरी खोल लें, सांस खीचें पेंसिल पर नज़र जमा उसे धीरे-धीरे अपनी ओर ला नाक से छुआएं, सांस छोड़ते हुए फिर पेंसिल को दूर ले जाएं। ऐसा पांच बार करें।

आंखों के गढ्ढों के ऊपर सावधानी से उंगलियों से दवाब डालें, पांच सेकेंड रूकें फिर दवाब हटा लें ऐसा पांच मिनट तक करें।

जब भी बाहर से आएं या घर पर भी हों तो साफ पानी से दिन में चार-पांच बार आंखों पर छीटें मारें। ठंड़े पानी की पट्टी रखने से भी बहुत आराम मिलता है।

14 टिप्‍पणियां:

Unknown ने कहा…

atyant upyogi aur uttam jaankaari.......

main zaroor aazmaaungaa

Unknown ने कहा…

सब बलागरस के लिए इस पोस्ट को पढ़ना जरूरी है

मनोज कुमार ने कहा…

अच्छी सलाह! ज़रूर आज़माऊंगा।

दिलीप कवठेकर ने कहा…

बढिया सलाह

अनामिका की सदायें ...... ने कहा…

shukriya....ye salaah kaam ayegi.

honesty project democracy ने कहा…

उम्दा विचारणीय प्रस्तुती सार्थक लेख /

राज भाटिय़ा ने कहा…

बहुत सुंदर बात बताई आप ने धन्यवाद

ZEAL ने कहा…

Cool info !

Gagan ji you are indeed very caring...Thanks.

vandan gupta ने कहा…

बढिया सलाह

Yashwant Mehta "Yash" ने कहा…

सही वक़्त पर सही सलाह
इस उपयोगी पोस्ट के लिए धन्यवाद्

Dr. Zakir Ali Rajnish ने कहा…

बस इतना ही कहूंगा, शुक्रिया।
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पड़ोसी की गई क्या?
गूगल आपका एकाउंट डिसेबल कर दे तो आप क्या करोगे?

डॉ. महफूज़ अली (Dr. Mahfooz Ali) ने कहा…

Very good....

देवेन्द्र पाण्डेय ने कहा…

ये तो बड़े काम की जानकारी है.
..आभार.

Praveen Kumar ने कहा…

aapne bahut achha sujhao diya thankig you Mr. Praveen Kumar

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