इस ब्लॉग में एक छोटी सी कोशिश की गई है कि अपने संस्मरणों के साथ-साथ समाज में चली आ रही मान्यताओं, कथा-कहानियों को, बगैर किसी पूर्वाग्रह के, एक अलग नजरिए से देखने, समझने और सामने लाने की ! इसके साथ ही यह कोशिश भी रहेगी कि कुछ अलग सी, रोचक, अविदित सी जानकारी मिलते ही उसे साझा कर ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जा सके ! अब इसमें इसको सफलता मिले, ना मिले, प्रयास तो सदा जारी रहेगा !
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
विशिष्ट पोस्ट
राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत, फर्क क्या है
इन दोनों देशभक्ति से ओत-प्रोत संगीत रचनाओं में एक समानता यह है कि इनकी रचना बंगाल में, वहां की दो महान विभूतियों के द्वारा की गई है ! हमारा ...





8 टिप्पणियां:
सुभान अल्लाह जी, सच मे तसवीरे बोलती है:)
तस्वीरे बता रही है लिखने वाले का ज्ञान
काबुल की कहानी ही तो है. .
ये तो बोलती तश्वीरें हैं
राज खोलती तश्वीरे हैं
आभार
आज मैं खुद ही हाजमौला लेकर बैठा हूं.:)
रामराम
हाहाहाहाहा ये तो राजधानी से लेकर देश के हर इलाके में फैले हुए हैं। इससे हास्य का परिवेश बनता है। इसलिए ऐसा लिखा जाता है हहाहाहहाहाहा
mere pas bhi kuchh hai aisi hi photo. bhejata hun apko
मजा आ गया जी
धन्यवाद
एक टिप्पणी भेजें