होली फिर आ गयी। चलिए एक छोटा सा निश्चय करें, खुश रहने और खुश रखने का...
सभी अनदेखे अपनों को होली की ढेरों शुभकामनाएं।
1, होली का दिन। जो सुबह से हुडदंग शुरु हुआ तो दोपहर ढलने पे आ गयी। कालोनी के सभी पुरुष भंग पी काले पीले पुते हुए हर घर पर जा आवाज लगाने लगे," ब ह ह न जी, दरवाजा खोल अपने पति को पहचान अंदर ले लिजिए......
2, एक मरीज का आप्रेशन होने वाला था। शल्य चिकित्सक ने अपने छात्रों को भी बुलवा लिया। आप्रेशन के पहले उसने सबसे पूछा कि आपकी राय में इस स्थिति में आप्रेशन जरूरी है कि नहीं। सबने असहमति जताई। इस पर चिकित्सक ने बताया कि नहीं ऐसी स्थिति में आप्रेशन हो जाना चाहिये। और जैसे ही उसने अपना काम करना चाहा वैसे ही मरीज जो इन सब की बातें सुन रहा था, उठ कर बैठ गया और बोला, मुझे नहीं करवाना आप्रेशन, अरे जब इतने लोग मना कर रहे हैं तो मैं तुम्हारी बात ही क्यूं मानूं?
3, गाइड पर्यटक को दिल्ली के एतिहासिक भवन के बारे में बता रहा था। तभी पर्यटक ने पूछ लिया कि इसे बने कितना समय हुआ है?तीन सौ दो साल चार महीने। गाइड ने जवाब दिया।पर तुम इतना सही-सही समय कैसे बता रहे हो?ऐसा है कि जब मैंने यहां काम करना शुरु किया तो मुछे बताया गया था कि इसे बने तीन सौ साल हुए हैं और मुझे यहां काम करते दो साल चार महीने हो गये हैं। गाइड ने जवाब दिया।
4, छगन जी अपने दोस्त को अपने बच्चों के बारे में बता रहे थे। बड़ा तो एम।ए। कर लेखक बन गया है। मंझला भी पढाई पूरी कर कविताएं लिखने लगा है। बड़े-बड़े समारोहों में जाता है, खूब नाम कमाया है। पर छोटा सब्जी का ठेला लगाता है।
"अरे! उसे नहीं पढवाया"?
"नहीं, उसी की कमाई से ही तो घर चलता है, शुरु से"। छगन जी ने जवाब दिया।
इस ब्लॉग में एक छोटी सी कोशिश की गई है कि अपने संस्मरणों के साथ-साथ समाज में चली आ रही मान्यताओं, कथा-कहानियों को, बगैर किसी पूर्वाग्रह के, एक अलग नजरिए से देखने, समझने और सामने लाने की ! इसके साथ ही यह कोशिश भी रहेगी कि कुछ अलग सी, रोचक, अविदित सी जानकारी मिलते ही उसे साझा कर ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जा सके ! अब इसमें इसको सफलता मिले, ना मिले, प्रयास तो सदा जारी रहेगा !
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5 टिप्पणियां:
ये भी खूब रही
ब ह ह न जी, दरवाजा खोल अपने पति को पहचान अंदर ले लिजिए.अरे शर्मा जी जब कोई महिला किसी पुरुष को अंदर ले गई ओर ..... जब फ़िर उसे साफ़ कर के उस का चेहरा देखा कि यह तो गलत आदमी है तो....... फ़िर किस की गलती....:)
छगन जी जिन्दाबाद
बेहद खूबसूरत ! आभार ।
होली की बहुत-बहुत शुभकामनायें.
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