रविवार, 14 दिसंबर 2008

तनाव मुक्ति के अचूक नुस्खे

कहने और होने में बहुत फर्क होता है। सभी जानते हैं कि तनाव सेहत के लिए ठीक नहीं होता, पर कोई क्या इसे जान-बूझ कर पालता है ? फिर भी कोशिश तो की जा सकती है इसे कम करने के लिये। क्या ख्याल है? कोशिश करने में क्या बुराई है। मेरे एक डाक्टर मित्र ने मुझे तनाव मुक्त होने के पांच गुर बताये हैं। आप भी आजमायें। फायदा ज्यादा नुक्सान कुछ नहीं।
1 :- तनाव में सांस की प्रक्रिया आधी रह जाती है। इसलिये दिमाग में आक्सीजन की कमी को दूर करने के लिये गहरी सांस लें।
2 :- तनाव के क्षणों में चेहरा सामान्य बनाए रखें। क्योंकि स्नायुतंत्रं की जकड़न से शरीर पर बुरा असर पड़ता है। थोड़ा मुस्कुराने की चेष्टा करें। भृकुटि तनने से 72 मांसपेशियों को काम करना पड़ता है। मुस्कुराने में सिर्फ 14 को। ऐसा करने से मष्तिष्क में रक्त संचार बढ़ता है। इसलिये ना चाहते हुए भी मुस्कुरायें। (मुन्ना भाई फिल्म का डीन याद आया?)
3 :- सर्वे में देखा गया है कि तनाव में शरीर खिंच जाता है, भृकुटि तन जाती है, गाल पर रेखायें खिंच जाती हैं। तनाव ग्रस्त इंसान कंधे झुका, सीने-गर्दन को अकड़ा, माथे पर हाथ रख, गुमसुम हो जाता है। इससे रक्त संचरण कम हो जाता है तथा तनाव और बढ़ जाता है। इससे बचने के लिये, करवट बदलिये, बैठने का ढ़ंग बदलिये। खड़े हैं तो बैठ जायें, बैठे हैं तो खड़े हो जायें या लेट जायें। कमर सीधी रखें। पेट को ढ़ीला छोड़ दें, आराम से सांस लें। इतने से ही राहत का एहसास होने लगेगा।
4 :- तनाव में अनजाने में ही जबड़े, गर्दन, कंधे और पेट की मांसपेशियों में खिंचाव आ जाता है जिससे शरीर में जकड़न आ जाती है। हर मनुष्य की यह जकड़न, गठान अलग-अलग होती है। इसे सामान्य रखने की कोशिश करनी चाहिये।
5 :- तनाव के क्षणों में कोई भी काम करने से पहले थोड़ा रुकें। क्या हो रहा है, इस पर थोड़ा सोचें। जल्दि या हड़बड़ी में निर्णय लेने से तनाव बढ़ सकता है। सबसे बड़ी बात, सकारात्मक सोच ही तनाव से मुक्ति दिलाने के लिये काफी है।
यह तो रही डाक्टर की सलाह। लगे हाथ मेरी भी सुन लें। आजमाया हुआ नुस्खा है। बचकाना पन भूल कर कार्टून देखें, समय हो तो कोई हास्य फिल्म, पूरी ना सही उसका कुछ ही हिस्सा देख लें। नहीं तो यह चुटकुला तो है ही। पंजाबी में लयबद्ध रूप में है, हिंदी में पढ़वाता हूं, पूराना है पर असरकारक है _____
बंता के घर रात को अनचाहा मेहमान आ गया। पति-पत्नि ने उसे भगाने की एक तरकीब निकाली। मेहमान को बाहर बैठा दोनों अंदर कमरे में जा जोर-जोर से लड़ने लगे। फिर पत्नि के पिटने और उसके जोर-जोर से चिल्लाने की आवाजें आने लगीं। इसे सुन मेहमान उठ कर घर के बाहर चला गया। बंता ने झांक कर देखा तो मेहमान नदारद था। उसने पत्नि से कहा, देखा मेरा कारनामा, मैने खटिये को इतना पीटा, तुम्हें छुआ भी नहीं। पत्नि भी कहां कम थी बोली, मैं भी गला फाड़ कर चिल्लाई, रोई मैं भी नहीं। इतने में मेहमान ने कमरे में आते हुए कहा, मैं भी ऐसे ही बाहर बैठा था, गया मैं भी नहीं।

13 टिप्‍पणियां:

mehek ने कहा…

tis bahut khub aur joke behtarin:):)

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन ने कहा…

बहुत उपयोगी जानकारी, चुटकुला भी धाँसू था. धन्यवाद!

Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" ने कहा…

जितनी उपयोगी जानकारी, उतना ही मजेदार चुटकला
वैसे मेरे ख्याल से ये चुटकला भी आपकी पोस्ट "तनाव मुक्ति के अचूक नुस्खे" के एक नुस्खे का ही काम कर रहा है.

"अर्श" ने कहा…

bahot hi badhiya jankari di aapne aur chutkula bahi bahot hi sahi hai aapko dhero badhai sahab....

arsh

dhiru singh {धीरू सिंह} ने कहा…

तनाव २ साल से १०० साल तक के बच्चो पर हावी है आपके नुस्खे कारगर होंगे ऐसी उम्मीद है | अपने ऊपर अजमा रहा हूँ . और मेहमान पर भी सही तरीके से अजमाउंगा

संगीता पुरी ने कहा…

बहुत अच्‍छी बातें बतायी और चुटकुला भी मजेदार था।

राज भाटिय़ा ने कहा…

अजमा कर देखेगे, बहुत सुंदर लगा आप का यह नुस्खा.
धन्यवाद

Alag sa ने कहा…

जल्दि आजमाईये। तुरंत बताईये। आपके रियेक्शन जानने के लिये ब हु त त ना व में हूं।

अशोक मधुप ने कहा…

बहुत उपयोगी जानकारी।
आपके लिए एक चुटकुला..
एक घर मे चोर घुंसे। सामान बांध लिया। परिवार का एक छोटा बच्चा यह देख रहा था । वह चुप लेटा रहा । चोर जब सामान लेकर जाने लगे तो उसने कहा.. मेरा बसता भी ले जाआे नही तो मै शोर मचा दूंगा।

shyam kori 'uday' ने कहा…

... मजेदार जोक पढने मिला, लेख प्रसंशनीय है।

रंजना [रंजू भाटिया] ने कहा…

बहुतबेहतरीन जानकारी दी है आपने ..शुक्रिया

परमजीत बाली ने कहा…

बहुत उपयोगी जानकारी दी है।आभार।

डॉ .अनुराग ने कहा…

जी नही साहब ....जो आपने कहा वही डॉ कहता है किसी भी तरह से रेलक्स करो जो आपको अच्छा लगे ,कुछ पढ़कर ,म्यूजिक सुनकर ,खेल कर ,कुछ भी कर कर.....पर हाँ आपने जानकारी दी उसका आभार....