शाकाहार या मांसाहार, क्या ठीक है क्या नहीं इस बहस में पड़े बिना यदि ऐसी धारणा है कि मांसाहार से ताकत, बल या शरीर सौष्ठव बढता है तो क्या इस सत्य को नकारा जा सकता है -
1, हाथी :- स्थल का सबसे भारी जीव।
वजन करीब 6 टन।
ऊंचाई 15-16 फुट।
आहार - घास, पत्तीयां, फल इत्यादि।
2, गैंड़ा :- स्थल का सबसे ताकतवर जानवर। जिससे भिड़ने में शेर भी घबड़ाता है। जिसकी चमड़ी को बबदूक की गोली भी नहीं भेद सकती।
वजन करीब तीन टन।
आहार - पत्तीयां और हरी घास।
3, घोड़ा :- सबसे फुर्तीले जानवरों में से एक। वजन करीब 800 से 1000 किलो। मेहनती, ताकतवर आकर्षक।
आहार - घास, अनाज वगैरह।
4, जिराफ :- स्थल का सबसे ऊंचा जानवर।वजन करीब 1000 किलो। आहार - घास, पत्तियां और फल।
इस ब्लॉग में एक छोटी सी कोशिश की गई है कि अपने संस्मरणों के साथ-साथ समाज में चली आ रही मान्यताओं, कथा-कहानियों को, बगैर किसी पूर्वाग्रह के, एक अलग नजरिए से देखने, समझने और सामने लाने की ! इसके साथ ही यह कोशिश भी रहेगी कि कुछ अलग सी, रोचक, अविदित सी जानकारी मिलते ही उसे साझा कर ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जा सके ! अब इसमें इसको सफलता मिले, ना मिले, प्रयास तो सदा जारी रहेगा !
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11 टिप्पणियां:
एक दम दुरुस्त फ़रमाया आपने.
आभार.
बहुत सही है!
आपकी बात भारी है!
बिल्कूल,बल के दृष्टिकोण से भी शाकाहार भारी ही है।
सुन्दर लेखन।
एक रोचक लेख के लिए आपको साधुवाद. इस विषय पर मेरा एक पुराना लेख "मानव शाकाहारी है या मांसाहारी" भी कुछ प्रकाश डालता है.
ये सब रहते जंगल में..
और जंगल का राजा
शेर
शेर मासाहारी
और
इन सब पर भारी...
रंजन जी की बात मे दम है
रंजन जी की बात मे दम है
रंजन,
शेर राजा इसलिये कि
हिंसक है,खुंखार है।
दूसरो में बल होते हुए भी,
आतंक के शिकार है।
भारीपन ही,
विषय है खोज का,
देख रहे हैं,
असर कितना भोज का।
शेर कभी भी हाथी पर अकेला और सीधे वार नहीं करता। छल से ही हाथी पर भारी पड़ता है। रही गैंड़े की बात तो उसके तो सामने आने से ही कतराता है।
आप की रचना 9 जुलाई के चर्चा मंच के लिए ली जा रही है, कृप्या नीचे दिए लिंक पर आ कर अपने सुझाव देकर हमें प्रोत्साहित करें.
http://charchamanch.blogspot.com
आभार
अनामिका
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