गुरुवार, 14 अप्रैल 2011

कीड़े-मकोड़े ही नहीं पक्षी भी जहरीले होते हैं.

जनविश्वास है कि कीडे-मकोडे ही जहरीले होते हैं। पर खोजों से पता चला है कि कुछ पक्षी भी जहरीले होते हैं। उन्हीं मे से एक है
“पिटोहुई”।




आस्ट्रेलिया के न्यूगिनी के जंगलों मे पाया जाने वाला लाल-काले रंग का यह पक्षी अपने जहरीलेपन के कारण जाना जाता है। वहां के स्थानीय लोग इस एस्लेकयाट यानि कड़वी चिड़िया के नाम से जानते हैं। इस करीब सौ ग्राम वजन तथा दस इंच की लंबाई वाले पक्षी की चोंच और पैर बहुत मजबूत होते हैं। इसकी खोज अचानक ही हो गयी थी। अपने किसी मिशन पर गये पक्षी वैज्ञानिक ड़बैचर के जाल में यह अकस्मात ही फंस गया था। उन्होंने जब इस पर ध्यान देना शुरु किया तो इसने उनकी उंगली को अपनी चोंच से घायल कर दिया, उंगली से खून निकलता देख उन्होंने उंगली को मुंह में जैसे ही रखा तो उन्हें लगा जैसे मुंह मे आग लग गयी हो। उनका शरीर घमौरियों से भर गया और शरीर में जलन सी होने लगी।

पक्षी की इस विषेशता का पता स्थानीय लोगों को है इसीसे वे इस में कोई रुची नहीं लेते हैं। पर अपने इसी गुण की खातिर यह पक्षी बहुत सारी विपदाओं से बचा भी रहता है। वैसे इसके दुश्मन कम नहीं हैं। सांपों और बाजों का यह प्रिय आहार है।


इसी तरह का एक पक्षी “इफ्राटा” है, जिसका रंग नारंगी-कालापन लिए होता है। इन पक्षियों का आहार छोटे कीड़े, चींटियां, केंचुए इत्यादि हैं। इनकी प्रजाति न्यूगिनी मे ही पाई जाती है। वहां भी विपरीत परिस्थितियों के कारण इनकी संख्या दिन-प्रतिदिन कम होती जा रही है।

5 टिप्‍पणियां:

Learn By Watch ने कहा…

मैंने सुना है कि मोर भी जहरीला होता है, क्या यह सच है?

प्रतुल वशिष्ठ ने कहा…

आपने 'पिटोहुई' और 'इफ्राटा' के बारे में जानकारी देकर हमारे ज्ञान में इजाफा किया... आभारी हैं.
हाँ, ध्यान आया ...
'ककुआ' पक्षी भी तो जहरीला होता है. जिसे ड्रेगन कहते हैं. जो अब विलुप्त हो चुका है.

गगन शर्मा, कुछ अलग सा ने कहा…

मोर के बारे मे तो ऐसा नही सुना गया। इसको तो लोग पालते भी हैं और बहुत बार तो यह मनुष्य की चटोरी जुबान का भी शिकार बन जाता है।

Chetan Sharma ने कहा…

jo bhi ho sabse jaharila to adami hi hota hai

गगन शर्मा, कुछ अलग सा ने कहा…

सत्य वचन, चेतन जी