गुरुवार, 26 अगस्त 2010

यह सलाह नहीं चेतावनी है

जैसा देश वैसा भेष यह कहावत तो आपने जरुर सुनी होगी पर एक बात की और गाठं बांध लें, जहां भी रहते हैं वहां की भाषा जरूर सीख लें और कोशिश करें कि स्थानीय लोगों से उनकी ही भाषा में बात कर सकें। पता नहीं आप की किस बात का क्या अर्थ निकाल कर क्या अनर्थ कर दिया जाए। मजाक नहीं है खुद ही देख लें :-

अमेरिका में रह रहे एक हिंदुस्तानी भाई को सड़क पर ही दिल का दौरा पड़ गया। उन्हें तुरंत अम्बुलेंस सेवा मुहैय्या करवाई गयी। अपने यह सज्जन धार्मिक प्रवृति के थे सो वह लगातार "हरि ओम, हरि ओम" का जाप कर रहे थे। अम्बुलेंस वाले उन्हें ले उनके घर पहुंच गये। स्वाभाविक ही था कि उनकी पत्नि उन्हें इस हालात में देख चीख पड़ीं कि आप लोग इन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय यहां घर क्यों ले आए ?

"मैडम, इसमें हमारी कोई गलती नहीं है। सर लगातार "हरी होम, हरी होम" बोले जा रहे थे। हमें लगा कि यह पहले घर जाना चाहते हैं। सो................

13 टिप्‍पणियां:

P.N. Subramanian ने कहा…

आप कितनी ही भाषाएँ सीख लें, विपत्ति में मात्रु भाषा ही जुबान से निकलती है.

ब्लॉ.ललित शर्मा ने कहा…

:)
सुब्रमनियन जी ने लाख टके की बात कही है।

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

"हरी होम, हरी होम" आपने मजाक मजाक में बहुत ही काम की बात कहदी.

रामराम.

चंद्रमौलेश्वर प्रसाद ने कहा…

अच्छा चुटकुला है जी.... हरी ओम, हरी ओम:)

डॉ महेश सिन्हा ने कहा…

हरि ॐ, हरि होम

राज भाटिय़ा ने कहा…

सही कहा,लेकिन जब दिल का दोरा पडेगा तो हरी ऒम कहां निकलेगा? तब तो बोलती ही बन्द हो जाती है....वेसे जहां भी रहो वहा की भाषा के वगेरा आदमी अधुरा ही होता है, इस लिये जरुर सीखनी चाहिये, धन्यवाद

Rahul Singh ने कहा…

एम्‍बुलेंस वालों की आज्ञाकारिता से भी कोई सीख ली जा सकती हैॽ

आपका अख्तर खान अकेला ने कहा…

vaah bhaayi vaah mzaa aa gyaa . akhtar khan akela kota rajsthan

Udan Tashtari ने कहा…

यह तो जरुर मजाक की बात होगी..किन्तु सीख सही है कि स्थानीय भाषा का ज्ञान तो बहुत जरुरी है.

Gyan Darpan ने कहा…

सुब्रमनियन जी की बात् से सहमत

ब्लॉ.ललित शर्मा ने कहा…


उम्दा प्रस्तूति-आभार

पढिए एक कहानी

आपके ब्लॉग की चर्चा ब्लॉग4वार्ता पर-स्वागत है।

ओशो रजनीश ने कहा…

अच्छा लेख है ........
http://oshotheone.blogspot.com/

अविनाश वाचस्पति ने कहा…

वैसे एक छोटा रिकार्डर लेकर जेब में रखें और उसमें सभी भाषाओं में हरी होम का अनुवाद साथ बजता रहे क्‍योंकि दिल सदा धड़कता रहना चाहिए। हरी होम से तो हरी के होम पहुंचने की संभावनाएं अधिक हो जाती हैं।

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