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गुरुवार, 28 अगस्त 2025

त्रासदी, नंबर दो होने की 😔 (विडियो सहित)

वीडियो में एक  व्यक्ति रैंप  पर स्नोबोर्डिंग  करने  की  कोशिश  करता  है, पर असफल  हो  जाता है। यूट्यूब पर जावेद करीम के दुनिया के पहले  वीडियो के  आने के  बाद अपलोड  हुआ यह दूसरा  ''माई स्नोबोर्डिंग स्किल्ज़'' नाम का वीडियो है ! असफलता इस  मायने में भी  कि यह पहले वीडियो ''मी एट द जू'' के कुछ घंटों बाद ही अपलोड  किया गया था !  विडंबना रही  कि समय ने  इसे प्रथम  अपलोड वीडियो होने से रोक, ख्याति से दूर कर नंबर दो के अभिशाप के साथ अज्ञातवास में धकेल दिया............!!    

#हिन्दी_ब्लागिंग 

दुनिया में समय, क्रम या पद में जो महत्व प्रथम, पहला, सर्वप्रथम यानी नंबर एक का है, उसके सामने अगले उपक्रम गौण हो कर रह जाते हैं ! चाँद पर उतरने वाले पहले मानव का नाम विश्वप्रसिद्ध हो गया पर कुछ क्षण बाद उतरने वाले को कितने लोग जानते हैं ? एवरेस्ट पर दूसरे सफल अभियान को कितने लोग जानते हैं ! बिंद्रा और नीरज ने स्वर्ण पदक जीते दूसरे नंबर पर कौन रहा, कुछ ही लोगों को इसमें दिलचस्पी होगी ! किसी भी खेल, प्रतियोगिता, परीक्षण, उपलब्धि, खोज या स्पर्द्धा में प्रथम को ही दुनिया याद रखती है, फिर भले ही वह उपलब्धि, क्षणांश से हो, रत्ती भर के फर्क से हो या भाग्य से ! डेटा एनालिस्टों को छोड़ दें तो आम इंसान की स्मृति में उसके लिए कोई स्थान नहीं बन पाता !   

सी संदर्भ में यूट्यूब पर अप-लोड किए गए पहले विडिओ को देखा जाए, जिसके बारे में लाखों लोगों को इतनी सारी जानकारी है कि 19 सेकेंड का MeAtTheZoo नामक यह विडिओ यूट्यूब के सह-संस्थापक जावेद करीम द्वारा 23 अप्रैल 2005 को सेन डियागो के चिड़ियाघर में हाथियों के सामने बना कर अपलोड किया गया था, जिसको अब तक 17 करोड़ से भी ज्यादा बार देखा जा चुका है ! पर इसके बाद दूसरा वीडियो कौन सा है, गिने-चुने यूट्यूबर को छोड़ कर शायद ही कोई बता पाए ! 

जावेद करीम 

खोज करने पर पता चला कि यूट्यूब पर अपलोड हुआ दूसरा वीडियो 'माई स्नोबोर्डिंग स्किल्ज़' नाम का है ! इसमें एक व्यक्ति रैंप पर स्नोबोर्डिंग करने की कोशिश करता है पर असफल हो जाता है। असफलता इस मायने में भी क्योंकि यह करीम के 'मी एट द ज़ू' वीडियो के कुछ घंटों बाद ही अपलोड किया गया था, समय ने इसे प्रथम अपलोड वीडियो होने से रोक, ख्याति से दूर कर, नंबर दो के अभिशाप के साथ अज्ञातवास में धकेल दिया ! 

यूट्यूब पर अपलोड होने वाला दूसरा वीडियो 

वैसे यूट्यूब पर 'असफल वीडियो' नाम की भी एक श्रेणी है, जिसमें लोग किसी खास गतिविधि, ज्यादातर खेल, कोई शारीरिक गतिविधि या क्रीड़ा करते हैं और असफल होते हैं। यूट्यूब पर अपलोड हुआ यह दूसरा वीडियो जाने-अनजाने इस श्रेणी का प्रथम वीडियो बन गया है ! इसे एक अमेरिकन यूट्यूबेर और स्नोबोर्डर ''MW'' द्वारा पोस्ट किया गया था, जिसने इसके बाद कोई और वीडियो पोस्ट नहीं किया। उसके पूरे नाम की भी जानकारी नहीं मिलती ! यह वीडियो भी पहले वाले की तरह कुछ खास नहीं है, लेकिन इतिहास के दूसरे सबसे पुराने यूट्यूब वीडियो का खिताब अपने नाम करने के बावजूद अज्ञात सा ही है ! इस लिंक पर वह वीडियो देखा जा सकता है - https://youtu.be/LeAltgu_pbM

तो इस सब का सार यही है कि दुनिया में अपनी पहचान और लोगों की यादाश्त में जगह बनानी है तो प्रथम या पहला होना अति आवश्यक है !  

@दोनों वीडियो अंतर्जाल के सौजन्य से 🙏

गुरुवार, 22 जुलाई 2021

यूट्यूब का इंद्रजाल

तीनों युवकों; चाड हर्ले, स्टीव चैन व जावेद करीम को अपने काम से तसल्ली या संतोष नहीं मिल पा रहा था ! अक्सर आपस में वे कुछ नया और अनोखा करने की योजना बनाते रहते थे। आखिर उनकी सोच और मेहनत रंग लाई और 2005 की 14 फ़रवरी, वैलेंटाइन दिवस के अवसर पर, उन्होंने इंटरनेट पर एक ऐसा प्लेटफॉर्म बना डाला जिस पर कोई भी और किसी भी विडिओ क्लिप को देखे जा सकने के साथ-साथ अपलोड भी किया जा सकता था ! उसी मंच की लोकप्रियता आज इतनी बढ़ चुकी है कि मुंबई समेत दुनिया के 10 शहरों में विडिओ बनाने के लिए  YouTube Space नाम से मिनी स्टूडियो जैसी जगह उपलब्ध करवाई जा रही है.......! 

#हिन्दी_ब्लागिंग 

यूट्यूब अमेरिका में आविष्कृत हुआ एक वीडियो देखने वाला एक ऐसा मंच है, जिसका सदस्य बन कोई भी उस पर अपना विडिओ क्लिप देखने, अपलोड करने के साथ-साथ अपना कमेंट या टिपण्णी भी आसानी से डाल सकता है। आज इसका आकर्षण इतना बढ़ गया है कि आबालवृद्ध सा इसके दीवाने हो गए हैं। कारण भी है, यहां हर विषय पर विडियो कंटेंट उपलब्ध है, चाहे बात ज्ञान और जानकारी की हो या मनोरंजन व फिल्मों की ! इसीलिए दिन ब दिन इसकी लोकप्रियता में बढ़ोत्तरी होती चली जा रही है।यह Google की ही एक फ्री सर्विस है जिसे स्मार्ट फोन, कंप्यूटर या लैप टॉप किसी पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है। आज यह दुनिया के 88 देशों में 76 भाषाओं के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज करवा चुका है। 

फेसबुक ट्वीटर, माय स्पेस, इंस्टाग्राम, टिंडर यहां तक कि यूट्यूब से भी पहले एक वेबसाइट हुआ करती थी जिसका नाम था HOT or NOT. इसे रेटिंग साइट भी कहा जाता था, क्योंकि इस पर पोस्ट किए गए चित्रों की आकर्षकता और सुंदरता का निर्धारण लोगों के द्वारा दिए गए मत और पसंदानुसार, 1 से 10 अंक दे निर्धारित किया जाता था। इसीकी 'Meet Me' साइट पर लोगों को अपना साथी चुनने की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाती थी ! आज इसका नवीनतम रूप एक एप्प ने ले लिया है। इसको यूट्यूब का प्रेरणा स्रोत माना जा सकता है !  

अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य के पालो अल्टो शहर में दिसम्बर 1998 में पेपाल (PayPal) नाम की एक कंपनी स्थापित की गई जिसकी मदद से लैपटॉप, कंप्यूटर, स्मार्टफोन या टैबलेट किसी से भी, किसी के भी खाते में पैसे भेजे और लिए जा सकते थे। आज  यह दुनिया की  सबसे बड़ी इंटरनेट भुगतान करने वाली कंपनियों में से एक है। इतनी  अच्छी और बड़ी कंपनी होने  के बावजूद इसमें काम करने वाले तीन युवकों,  चाड हर्ले, स्टीव चैन व जावेद करीम को अपने काम से तसल्ली या संतोष नहीं मिल पा रहा था ! अक्सर  आपस में  वे  कुछ नया और अनोखा  करने  की योजना  बनाते  रहते  थे।  आखिर उनकी सोच व मेहनत रंग लाई और 2005 की 14 फरवरी, वैलेंटाइन दिवस के अवसर पर, उन्होंने इंटरनेट पर एक ऐसा अनोखा मंच,  पटल  या  प्लेटफॉर्म,  जो  भी  कहिए,  बना डाला जिस पर कोई भी और किसी भी  तरह के विडिओ क्लिप को देखे जा सकने के साथ-साथ अपलोड भी किया जा सकता था। 

चाड हर्ले, स्टीव चैन व जावेद करीम 
यूट्यूब के अस्तित्व में आने को ले एक कहानी प्रचलित है कि 2005 के शुरुआती महीनों के दौरान एक रात चैन के घर में दी गई एक डिनर पार्टी में लिए गए वीडियो को जब दोस्तों को शेयर करने में कठिनाई आई, तब हर्ले और चैन के दिमाग में यूट्यूब के विचार ने जन्म लिया। पर इस खोज के तीसरे सहभागी करीम, जो उस पार्टी में शामिल नहीं हो सका था, के अनुसार यूट्यूब की प्रेरणा, HOT or NOT वेब साइट से तब मिली जब 2004 में हिंद महासागर में आए सुनामी तूफ़ान की वीडियो क्लिप, इंटरनेट पर कहीं भी उपलब्ध नहीं हो सकी थी ! जो भी हो आज इस यू नलिका ने दुनिया भर को गोल-गोल घुमा कर रख दिया है ! 

Me at the Zoo 
यूट्यूब पर पहला वीडियो इसी के सह-संस्थापक, बांग्लादेशी पिता और जर्मन माता की संतान जावेद करीम ने 23 अप्रैल 2005 को Me at the Zoo नाम से अपलोड किया था। यह करीब 19 सेकेंड का वीडियो था। जिसे सेन डियागो चिड़ियाघर में उनके स्कूल के दोस्त, याकोव लेपिट्सकी ने शूट किया था। इसमें जावेद हाथियों के पास खड़े हो उनके बारे में जानकारी देते हैं। इस तरह करीम यू ट्यूब पर विडिओ डालने वाले दुनिया के पहले इंसान बन गए और उनके द्वारा कहे गए ''All right, so here we are in front of the, er, elephants, um, and the cool thing about these guys is that, is that they have really, really, really long, um, trunks, and that's, that's cool, and that's pretty much all there is to say''  शब्द, पहले यूट्यूबी वाक्य बन गए !

यूट्यूब स्पेस 
यूट्यूब के इन तीनो संस्थापकों को ख्याति भी बहुत मिली ! पर जिस बात को गूगल ने भांप लिया शायद उसका आकलन ये लोग नहीं कर पाए या फिर उस समय गूगल द्वारा ऑफर की गई, $1.65 billion (करीब 1.16 लाख करोड़) की धन राशि इतनी बड़ी थी कि ये उसे अस्वीकार नहीं कर पाए ! जो भी रहा हो, 2006 में यू ट्यूब का मालिकाना हक़ गूगल को मिल गया ! उस समय  ना तो इसके संस्थापकों और शायद ही गूगल को पता हो कि आने वाले दिनों में यह प्लेटफार्म कितनी बड़ी क्रांति लाने वाला है ! आज यह शौकिया और पेशेवर कलाकारों के लिए सोने की खदान बन चुका है ! सैकड़ों युवा इस पर आ, सेलेब्रिटी बन चुके हैं ! मुंबई समेत दुनिया के 10 शहरों में Youtube Space नाम की जगह उपलब्ध करवाई गई है, जहां कोई भी विडिओ निर्माता, जिसके दस हजार से अधिक सदस्य या ग्राहक या प्रशंसक हों, जाकर अपनी विडियो बना सकता है। यहां कई तरह के सेट, ग्रीन स्क्रीन व साउंड स्टेज की सुविधा उपलब्ध है ! दूसरे अर्थों में इसे विडिओ बनाने का मिनी स्टूडियो कहा जा सकता है। 
आज यू-ट्यूब के यूज़र की संख्या दो अरब को पार कर रही है ! जो नए-पुराने विडिओ, विडिओ क्लिप के साथ-साथ ऐसी पुरानी फ़िल्में भी देख पाते हैं, जो और कहीं मिलती ही नहीं या बड़ी मुश्किल से उपलब्ध हो पाती हैं ! इस पर करोड़ों विडिओ रोज देखे और अपलोड किए जाते हैं। इस पर अपने देश की टी सीरीज, म्यूजिक के ग्राहकों की संख्या 18 करोड़ से ऊपर है और इस संख्या के साथ यह यूट्यूब पर सर्वोच्च स्थान पर विराजमान है ! आज इस पर हर कोई अपनी प्रतिभा दर्शाने में जुटा हुआ है ! चाहे वह बागवानी हो ! पाक शैली हो ! मनोरंजन हो ! तकनिकी हो ! कुछ भी हो ! यदि किसी को लगता है कि उसकी विधा कुछ अलग, ज्ञानवर्धक और लोकलुभावनी है तो वह इस मंच का सहारा जरूर लेता है ! व्यक्तिगत रूप से देखा जाए तो देश के सबसे ज्यादा लोकप्रिय यू ट्यूबर में गौरव चौधरी, आशीष चंचलानी, अजय नागर, निशा मधुलिका निखिल शर्मा जैसे अनेकों लोग शामिल हैं, जो नाम और दाम कमाने में युवाओं के आदर्श बने हुए हैं !
इसकी उपलब्धियां, रेकार्ड, आंकड़े, लोकप्रियता, सब पर एक साथ लिखा जाए तो अच्छा-खासा ग्रंथ बन जाएगा। अब जहां अच्छाई होती है वहां बुराई का होना भी अपरिहार्य सा हो गया है ! यूट्यूब भी इसका अपवाद नहीं है ! कुछ विकृत मानसिकता के लोग इसका दुरूपयोग करने से भी बाज नहीं आते ! मजबूर हो कई बार सरकार को भी हस्तक्षेप करना पड़ता है ! पर उसका प्रयास भी अंतर्जाल की व्यापकता, जटिलता और असीम विस्तार के सामने पूर्णतया सफल नहीं हो पाता ! इसीलिए यह चीन, उत्तर कोरिया तथा ईरान में प्रतिबंधित है ! अब यह तो लोगों की जागरूकता पर ही निर्भर करता है की केबल टीवी से कहीं ज्यादा पहुंच वाले इस माध्यम का उन्हें कैसे उपयोग करना है ! क्या चुनना व क्या देखना है ! 

@सभी चित्र अंतर्जाल के सौजन्य से 

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