शनिवार, 20 मार्च 2021

कोटद्वार के सिद्धबली हनुमान

हनुमान जी यहां आने वाले आने वाले अपने सारे भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। इसीलिए यहां हर धर्म के लोग अपनी इच्छापूर्ति के लिए दूर-दूर से आते रहते हैं। मनोकामना पूरी होने पर श्रद्धालु मंदिर परिसर में भंडारा आयोजित कर प्रभु को अपना आभार व्यक्त करते हैं। लोगों की श्रद्धा का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां  होने वाले विशेष भंडारों की बुकिंग फिलहाल 2025 तक के लिए बुक हो चुकी है..........!!

#हिन्दी_ब्लागिंग 

सिद्धबली हनुमान जी का मंदिर, उत्तराखंड के कोटद्वार नगर के दर्शनीय स्थलों में  एक प्रमुख देव स्थान है। जो मुख्य नगर से करीब तीन किमी की दूरी पर खोह नदी के किनारे,नजीबाबाद-बुआखाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर  लगभग 135 फुट की ऊंचाई पर एक पहाड़ी टीले पर स्थित है। इस ऊंचाई से चारों ओर का नैसर्गिक दृश्य निहारना अपने आप में एक अलौकिक अनुभव प्रदान करता है। ऐसी दृढ मान्यता है कि हनुमान जी यहां आने वाले आने वाले अपने सारे भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। इसीलिए यहां हर धर्म के लोग अपनी इच्छापूर्ति के लिए दूर-दूर से आते रहते हैं। मनोकामना पूरी होने पर श्रद्धालु मंदिर परिसर में भंडारा आयोजित कर प्रभु को अपना आभार व्यक्त करते हैं। लोगों की श्रद्धा का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां  होने वाले विशेष भंडारों की बुकिंग फिलहाल 2025 तक के लिए बुक हो चुकी है। 





सड़क से लगे प्रवेश द्वार से 158 सीढ़ियां चढ़ कर मुख्य मंदिर तक पहुंचा जाता हैं। वहां  सफ़ेद संगमरमर की बेहद आकर्षक प्रतिमा स्थापित है। पूरा परिसर बेहद साफ़-सुथरा और मनभावन है।  मंदिर  से कुछ ही नीचे शिव जी और शनिदेव विराजमान हैं। मंदिर से  तक़रीबन आधी दूर पहले भक्तों द्वारा भंडारा करने की सुन्दर व्यवस्था है। ऊपर प्रकृति के साए में मंदिर का वातावरण इतना मनोहर-शांत व मनमोहक है कि वहां से वापस लौटने की इच्छा ही नहीं होती। बहुत कम जगहों पर ऐसा अहसास होता है। 




नाथ परंपरा की धारणाओं के अनुसार गुरु गोरखनाथ एवं उनके शिष्यों ने यहां लम्बे समय तक तपस्या की, जो की बाद में ‘सिद्ध’ नाम से प्रसिद्द हुए। जानकारों के अनुसार 14वीं शताब्दी में प्रख्यात संत सिधवा ने भी इसी जगह आ कर साधना की थी, जिन्हें सिद्ध के रूप  में पूजा जाता है। मंदिर की  स्थापना के बारे  में यह बताया जाता है कि इस स्थान पर तप साधना करने के बाद सिद्ध बाबा को हनुमान जी की  सिद्धि प्राप्त हुई थी।  उसके  उपरांत सिद्ध बाबा ने  यहां बजरंगबली की एक  विशाल मूर्ति का   निर्माण करवाया था, तबसे इस जगह का नाम सिद्धबली पड़ गया। 

 

सिद्ध बाबा की समाधी और शिव मंदिर  


इस बारे में एक और भी कहानी प्रचलित है, जिसके अनुसार अंग्रेजों के समय एक मुस्लिम अधिकारी अपने घोड़े पर सवार जब यहां पहुंचे तो भावशून्य हो गए ! उसी अवस्था में उन्हें भान हुआ कि सिद्ध बाबा की समाधि पर हनुमान जी के मंदिर की स्थापना की जाए ! सजग होने पर उन्होंने स्थानीय लोगों से इस बात की चर्चा की और फिर इस मंदिर का निर्माण हुआ। जिसे धीरे-धीरे भक्तों और श्रद्धालुओं की आस्था ने यह भव्य स्वरुप प्रदान करवाया। 



हनुमानजी हमारे सर्वप्रिय पांच देवताओं में से एक हैं। तत्काल प्रसन्न होने और अभय प्रदायी होने के कारण ये अबालवृद्ध सभी में अत्यंत लोकप्रिय हैं। संसार भर में इनके भक्त इनका स्मरण कर सुख-शांति पाते हैं।इनके मंदिर विश्व भर में स्थापित हैं, जहां एक से बढ़ कर एक प्रतिमाएं स्थापित हैं। पर कुछ कम जाना जाने वाले इस सिद्धबली की मूर्ति भी अद्भुत है। मौका मिले तो दर्शन करने जरूर आना चाहिए।   

16 टिप्‍पणियां:

शिवम् कुमार पाण्डेय ने कहा…

बहुत सुंदर 🌻
जय हनुमान।🙏

गगन शर्मा, कुछ अलग सा ने कहा…

शिवम जी
प्रभु की कृपा सभी पर बनी रहे

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल रविवार (21-03-2021) को    "फागुन की सौगात"    (चर्चा अंक- 4012)    पर भी होगी। 
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है। 
--  
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ-    
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सादर...! 
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' 
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गगन शर्मा, कुछ अलग सा ने कहा…

शास्त्री जी
बहुत-बहुत धन्यवाद

Kadam Sharma ने कहा…

Badhiya jankari

Jigyasa Singh ने कहा…

बहुत ही सुंदर चित्रामाला के साथ साथ महत्वपूर्ण जानकारी देने के लिए गगन जी आपका आभार, हनुमान जी की कृपा सब पर बनी रहे।

गगन शर्मा, कुछ अलग सा ने कहा…

कदम जी
अनेकानेक धन्यवाद

गगन शर्मा, कुछ अलग सा ने कहा…

जिज्ञासा जी
सदा स्वागत है आपका

विकास नैनवाल 'अंजान' ने कहा…

आपके साथ हमने भी सिद्धबली मन्दिर के दर्शन कर लिए...आभार

Kamini Sinha ने कहा…

सिद्धबली मन्दिर का दर्शन कराने के लिए आभार एवं नमन

मन की वीणा ने कहा…

विश्वास और भावनात्मक पोस्ट विस्तृत जानकारी।
आस्था के आयाम।
साधुवाद।

गगन शर्मा, कुछ अलग सा ने कहा…

विकास जी
सदा स्वागत हैआपका

गगन शर्मा, कुछ अलग सा ने कहा…

कामिनी जी
प्रतिक्रिया के लिए अनेकानेक धन्यवाद

गगन शर्मा, कुछ अलग सा ने कहा…

कुसुम जी
हार्दिक आभार

Dr Varsha Singh ने कहा…

पर्यटन स्थलों के वर्णन में आपका कोई सानी नहीं... विवरण भी बढ़िया और फोटोज भी बढ़िया..।

गगन शर्मा, कुछ अलग सा ने कहा…

वर्षा जी
हौसलाअफजाई के लिए हार्दिक आभार

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