मंगलवार, 28 फ़रवरी 2012

जानी, जानी, हां बापू



अभी-अभी एक मित्र का निम्न संदेश मिला इस आशय के साथ कि और भी लोगों तक यह पहुंच कर गुदगुदाए।  तो........................ लीजिए गुदगुदवाईये :-)

3 टिप्‍पणियां:

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

हा हा हा...

संगीता पुरी ने कहा…

वाह ..

P.N. Subramanian ने कहा…

हम भी हा हा हां हां ही कहेंगे.

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