रविवार, 20 दिसंबर 2009

आस्ट्रेलियन दंपति ने बनाया “मन चाहे फल देने वाला पेड़”

घर में एक पेड़ लगा कर आठ तरह के फल पाने का करिश्मा कर दिखाया है आस्ट्रेलियन दम्पति ने

आस्ट्रेलिया के वेस्ट दंपति ने एक अनोखा करिश्मा कर दिखाया है। एक ऐसा करिश्मा जिसका जिक्र किस्से कहानियों में तो सुना पढा गया होगा पर असली जिंदगी में जिसे असंभव ही माना जाता रहा है। जी हां इस युगल ने बारह वर्षों के अथक प्रयास से एक ऐसी विधी खोज निकाली है जिससे एक ही पेड़ पर अपनी पसंद के सारे फल उगाये जा सकते हैं। उन्होंने इसे “फ्रुट सलाद ट्री” का नाम दिया है। जेम्स वेट और उनकी पत्नी कैरी वेट के मन मे, अपने फार्म पर काम करते हुए, कुछ अनोखा करने की इच्छा सदा बनी रहती थी। अखिरकार वर्षों की मेहनत रंग लायी और वे अपने बागीचे में ऐसा पेड़ तैयार करने में सफल हो गये जिस पर अपनी इच्छानुसार फल उगाये जा सकते थे। वेट दंपति ने एक पेड़ पर अलग-अलग प्रकार के फलों की कलमें लगा कर इस अद्भुत कारनामे को अंजाम दिया। किस पेड़ पर किस फल की कलम लगायी जाय, कलम को किस तरह लगाया जाय, उसकी साज-संभार, दिये जाने वाली खाद का प्रकार, यह सब बातों की जानकारी पाते करते तथा उसका सफ़ल परिणाम पाने में उन्होंने अपने जीवन के अमूल्य बारह साल खपा दिये। शुरु-शुरू में तो लोगों को विश्वास ही नहीं होता था तथा वे सोचते थे कि ऐसे ही पेड़ में फल लटका दिये गये हैं। पर धीरे-धीरे लोगों को सच्चाई का पता चलता गया और अब तो उनके ऐसे पेड़ों की इतनी मांग हो गयी है जिसे पूरा करने मे भी उन्हें पसीना आ जाता है।
कैरी का कहना है कि अपने ग्राहक की पसंद के अनुसार मौसम, मिट्टी इत्यादि को ध्यान मे रख वे पेड़ को तैयार करते हैं। इस तरह के “फलों के सलाद वाले पेड़” बोंसाई तरीके से भी बनाये जा सकते हैं। पेड़ के आकार का फलों के स्वाद पर कोई असर नहीं पड़ता है।

कहिये कैसा लगेगा जब आप एक पेड़ उगायेंगे और उसीसे संतरा, चकोतरा, मौसम्बी आदि इसी जाति के फल पा सकेंगे। या फिर एक पेड़ से आड़ू, खुबानी, आलूबुखारा, बेर जैसे एक जाति के फल ले सकेंगे।

यदि ऐसा "मुह मांगा फल" देने वाला पेड़ लगायें तो मुझे फल भेजना मत भूलियेगा। अधिक जानकारी के लिये वेट दंपति की वेब साईट को भी देखा जा सकता है।

7 टिप्‍पणियां:

राज भाटिय़ा ने कहा…

बहुत सुंदर बात बतई आप ने, लिंक दे देते तो हम भी उन की वेब सईट देख लेते

हिमांशु । Himanshu ने कहा…

आश्चर्यजनक ! वैसे लगन के आगे सब कुछ सम्भव है, और इस समय वैज्ञानिक विधियों से अनेकों आश्चर्यजनक चीजें सामने आ रही हैं ।

बेहद अनोखी जानकारी । आभार ।

Gagan Sharma, Kuchh Alag sa ने कहा…

ये बक्सा भी कभी-कभी तमाशे करता है। उनका लिंक दिया था, उसे ही उड़ा दिया। पता नहीं शायद पसंद नहीं आया होगा। फिर लिखा फिर गायब। मुझ से ही कहीं कुछ गड़बड़ होती होगी नहीं तो ये तो बहुत समझदार है (बेवकूफ बना रहा हूं इसे, शायद फूल कर कुप्पा हो ही जाय)

fruitsaladtrees.com

Vivek Rastogi ने कहा…

बिल्कुल नई जानकारी और ये तो बिल्कुल कल्पतरु लग रहा है...

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" ने कहा…

कमाल की जानकारी!!!
वैसे विज्ञान के इस युग में कुछ भी सम्भव है....क्या पता कल को कोई "नोट" उगाने वाला पेड भी बना डाळे :)

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

बहुत बढिया और रोचक जानकारी. धन्यवाद.

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

वाह ये हुई ना कोई बात. बहुत बढिया जानकारी दी आपने.

रामराम.