रविवार, 22 फ़रवरी 2009

अब तो हम भी आस्कर वाले हो गए हैं

चलो आखिर आस्कर मिल ही गया। उनको भी सकून मिलेगा जो शहर के अंदेशे से परेशान रहते थे। उनको भी जिन्हें इसके अब तक छलने का गम होता रहता था। वे तो बहुत ही खुश होंगे जिनके लिये हर बेहतरीन चीज तब तक कोई पहचान नहीं रखती जब तक पश्चिम का ठप्पा ना लग जाए।
फिर भी रहमान और गुलज़ार साहब को उनकी मेहनत, समर्पण, लगन तथा उत्कृष्टता के लिये सम्मान मिला, पहचान मिली विश्व स्तर पर, तो हम भी तो गौर्वान्वित हुए ही हैं। ये आस्कर वाले वर्षों से हमें पूर्वाग्रहों के कारण नकारते चले आ रहे थे पर प्रतिभा को कब तक नज़रंदाज़ किया जा सकता है।
जय हो, जय हो

"आप सब को महा शिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं"

6 टिप्‍पणियां:

इष्ट देव सांकृत्यायन ने कहा…

बधाई

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

बहुत बधाई जी आपको.

रामराम.

P.N. Subramanian ने कहा…

डमरू का कमाल.

Udan Tashtari ने कहा…

मुख्य मुद्दा भारत और भारतियों का ऑस्कर मंच पर सम्मान है, जो कि विदेशी नहीं बल्कि निर्विवाद विश्व स्तरीय सम्मान है. बहुत अच्छा लगा देख कर एवं गर्व की अनुभूति हुई.भविष्य के लिए भी शुभकामनाऐं.


महा शिव रात्रि की बहुत बधाई एवं शुभकामनाऐं.

राज भाटिय़ा ने कहा…

शिव रात्रि की बहुत बधाई

विष्णु बैरागी ने कहा…

बधाइयां जी। लख-लख बधाइयां।