pub-3648900737756323 कुछ अलग सा: यादगार
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गुरुवार, 17 सितंबर 2026

सैर कर दुनिया की, ये जिंदगानी फिर कहां

उम्र कितनी भी हो, जिंदादिल इंसानों में नई जगहें, पुरानी यादें ताजा करने और सुकून के पलों की चाहत जीवन में कभी खत्म नहीं होती ! पर बढ़ती आयु कई आशंकाएं भी साथ ले आती है ! पर यदि  भ्रमण की सही जगह चुन, कुछ जरूरी तैयारियां कर और किसी भी परिस्थिति का हल सोच कर यात्रा की जाए तो उसे काफी सुरक्षित बनाया जा सकता है। इसलिए जब तक शरीर इजाजत देता है तब तक घूमिए, खूब घूमिए ! क्योंकि यही समय है जब जिंदगी की जिम्मेदारियों से उबर कर खुद अपने लिए कुछ करने का अवसर हासिल हुआ होता है.................🥰  

#हिन्दी_ब्लॉगिंग   

इं सान की जिंदगी की दूसरी पारी बहुत महत्वपूर्ण होती है। हालंकि इसमें तकरीबन रोज ही कई तरह की अड़चनों, दवाबों, पूर्वाग्रहों का सामना करना पड़ता है ! जैसे किसी बुजुर्ग को नई तकनीक इस्तेमाल करने में थोड़ी परेशानी हो, तो तुरंत मान लिया जाता है कि वह इसे सीख नहीं सकता। किसी उम्रदराज व्यक्ति को लेकर यह आम धारणा होती है कि उसमें अब पहले जैसी ऊर्जा या काम करने की शक्ति नहीं है ! समस्या यह है कि ये सिर्फ ऐसी धारणाएं हैं, जो सभी उम्रदराज लोगों पर लागू नहीं होतीं ! दुनिया में ऐसे असंख्य उदाहरण हैं जहां बढ़ती उम्र में भी अपनी दृढ इच्छाशक्ति के चलते बुजुर्गों ने कीर्तिमान स्थापित किए हैं !

युचीरो मिउरा, 80, एवरेस्ट फतह 
फौजा सिंह, 100 +, दौड़ते ही रहे 
सारा ब्रुअर, 64, महासागर पार 

वैसे भी उम्र कितनी भी हो, जिंदादिल इंसानों में नई जगहें, पुरानी यादें ताजा करना और सुकून के पल बिताने की चाह जीवन में कभी खत्म नहीं होती ! जरुरत है सिर्फ हौसले और आत्म-विश्वास की ! हालांकि घर-परिवार के अन्य सदस्यों में घबराहट होना भी स्वाभाविक है, मन में यह सवाल बना रहता है कि अगर रास्ते में कोई परेशानी आ गई, तो क्या होगा  ? पर बढ़ती उम्र में भी घूमने की सही जगह चुन, कुछ जरूरी तैयारियां कर और किसी भी परिस्थिति का हल सोच कर यात्रा को काफी सुरक्षित बनाया जा सकता है। इसलिए जब तक शरीर इजाजत देता है तब तक घूमिए, खूब घूमिए ! क्योंकि यही समय है जब जिंदगी की जिम्मेदारियों से उबर कर खुद अपने लिए कुछ करने का अवसर हासिल हुआ होता है !  

आह्लाद 

सुखद पल 

पर कहीं भी घूमने जाने की इच्छा हो तो बेहतर होगा कि किसी ग्रुप से जुड़ जाएं ! जहां कोई ट्रैवल एजेंसी वरिष्ठ नागरिकों के लिए टूर आयोजित करती हो। इनके शेड्यूल में आमतौर पर भागदौड़ कम और आराम के लिए पर्याप्त समय होता है। ऐसे ट्रैवल ऑपरेटरस को यात्रा के दौरान हो सकने वाली किसी भी समस्या से निपटने का अनुभव होता है ! यदि पूर्णरूपेण ट्रिप बुजुर्गों के लिए हो तो उनकी हर छोटी-बड़ी जरुरत का ध्यान रखा जाता है ! ठहरने, खाने, घूमने, यातायात का पहले से ही प्रबंध किया हुआ होता है ! जिससे आपको किसी बात की चिंता नहीं करनी पड़ती ! इसके अलावा एक सुरक्षा का एहसास बना रहता है, जिससे पूरी यात्रा तनावमुक्त रहती है !  

सिर्फ खुद 

संतुष्टि 
यदि अकेले ही यात्रा करनी हो तो उसके पहले कुछ जरुरी एहतियात बरतना बहुत आवश्यक है ! सबसे पहले अपने स्वास्थ्य का आकलन जरूर करें। हो सके तो अपने डॉक्टर की सलाह भी ले लें, इससे मनोबल में बढ़ोत्तरी होगी ! अपनी दवाइयों के साथ अपनी एक छोटी सी मेडिकल इन्फॉर्मेशन शीट भी रख लें ! ऐसी जगह चुनें, जहां आवागमन सुगम हो, जहां जा रहे हैं वहां के माहौल, मौसम की जानकारी भी जरूर ले लें !  एक दिन में कम जगहें, आराम से देखें, ताकि बिना थके यात्रा का आनंद ले सकें। अपने साथ एक छोटा कार्ड रखें, जिस पर आपका नाम, दो मोबाइल नंबर, जिनसे आपात स्थिति में संपर्क किया जा सके ! जहां ठहरें हैं उस होटल का नाम व पता लिखा हो। इसके अलावा घर के सदस्यों से फोन पर संपर्क बनाए रखें ! यदि छोटी-छोटी सावधानियां, सही तैयारी और थोड़ी सतर्कता बरत ली जाए तो उम्र के किसी पड़ाव पर भी सफर को सुरक्षित, सुकूनभरा और यादगार बनाया जा सकता है। तो देर किस बात की !
अरे भाई निकल के आ घर से, आ घर से ! 
दुनिया की रौनक देख फिर से, देख ले फिर से...................! 

@चित्रों के लिए अंतर्जाल का आभार   

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