सोमवार, 12 नवंबर 2012

"अनदेखे अपनों" को ज्योति पर्व की दिल से बधाई।


इस दीपोत्सव के पावन पर्व पर मेरी ओर से आप सब को सपरिवार हार्दिक शुभ कामनाएं। आने वाला समय हम सब के लिए मंगलमय हो, सभी सुखी, स्वस्थ एवं प्रसन्न रहें, प्रभू से यही प्रार्थना है।  


इस विधा यानि ब्लागिंग के माध्यम से जितना स्नेह, अपनापन तथा हौसला आप सब की तरफ से मुझे मिला है उससे रोमांचित और अभिभूत हूँ। कितनी अजीब सी बात है कि खुद भले ही 'जाल' पर उपस्थिति दर्ज ना करवाई जा सके पर एक-दो दिनों में जब तक सबके नाम दिख न जाएं तो खाली-खाली सा महसूस होता है। यदि खुदा न खास्ता किसी की उपस्थिति चार-पांच दिनों तक न दिखे तो मन बरबस उसकी ओर खींचा सा रहता है, हाल जानने के लिए। 

इस "अनदेखे अपनों" से हुए लगाव को क्या नाम दिया जाए? जबकि अपनी कूपमंडूकता के कारण बहुत कम लोगों से आमने-सामने मुलाक़ात हो पाई है। चाह कर, मौका रहते हुए भी वैसा नहीं हो पाया, इसका खेद रहता है, पर आपसी स्नेह ऐसा ही सब से बना रहे यही कामना है। 

फिर एक बार सब को ज्योति पर्व की दिल से बधाई।

7 टिप्‍पणियां:

Vinay Prajapati ने कहा…

Wish a very happy Diwali

- Tech Prévue · तकनीक दृष्टा

गगन शर्मा, कुछ अलग सा ने कहा…

Vinay aap ko bhi sapariwar

सूर्यकान्त गुप्ता ने कहा…

दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं ...

दृश्य अदृश्य सब एक दूसरे के हैं समीप

गगन शर्मा, कुछ अलग सा ने कहा…

सूर्यकान्त जी, आपको भी पावन पर्व की शुभकामनाएं, परिवार सहित।

वन्दना ने कहा…

मन के सुन्दर दीप जलाओ******प्रेम रस मे भीग भीग जाओ******हर चेहरे पर नूर खिलाओ******किसी की मासूमियत बचाओ******प्रेम की इक अलख जगाओ******बस यूँ सब दीवाली मनाओ

दीप पर्व की आपको व आपके परिवार को ढेरों शुभकामनायें

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार ने कहा…




ஜ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬●ஜ
♥~*~दीपावली की मंगलकामनाएं !~*~♥
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सरस्वती आशीष दें , गणपति दें वरदान
लक्ष्मी बरसाएं कृपा, मिले स्नेह सम्मान

**♥**♥**♥**● राजेन्द्र स्वर्णकार● **♥**♥**♥**
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प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

सबको दीवाली की शुभकामनायें..