मंगलवार, 13 जुलाई 2010

सावधान, जरूरी नहीं कि जैसा पहले हुआ था वैसा ही अब भी हो

पहली कहानी काफी पुरानी है। सबने पढी-सुनी होगी।
एक राजकुमारी को उसकी सौतेली माँ बहुत तंग करती थी। एक दिन हैरान परेशान राजकुमारी अपने बागीचे में घूम रही थी कि उसे वहां एक मेढक दिखाए पड़ा। मेढक ने राजकुमारी से कहा कि यदि तुम मुझे चूम लो तो मैं इस योनी से मुक्ति पा जाऊंगा। राजकुमारी को उस पर दया आ जाती है और उसके चूमते ही मेढक एक सुंदर युवक का रूप ले लेता है जो एक राज्य का राजकुमार होता है। दोनों की शादी हो जाती है और वे सुख से रहने लगते हैं।

गंगा में बहुत सा पानी बह गया। वर्षों बीत गये। घटना ने फिर अपने आप को दोहराया और दूसरी कहानी को जन्म दिया, लेकिन !!!!!!!

एक लड़की कालेज से बंक मार एक पार्क में अपने साथी का इंतजार कर रही थी। तभी उसे एक बड़े से आकार का भद्दा सा चूहा दिखाई दिया। कुछ देर लड़की के आस-पास घूमने के बाद चूहा उस लड़की के पास आ खड़ा हुआ और आश्चर्यजनक रूप से हिंदी में उस लड़की से बोला कि मैं एक मंत्री का बेटा हूं पर जलनखोरों के टोने-टोटके की वजह से चूहा बन गया हूं। क्या तुम मुझसे प्यार करोगी? पहले तो लड़की हड़बड़ा गयी पर फिर उसे पुरानी कहानी याद आयी। उसने सारे “इफ्स और बट्स” को सोचा और भविष्य का ख्याल रखते हुए मन ही मन मान गयी। फिर भी सारी बात साफ करने के लिए उसने चूहे से पूछा कि ऐसा करने से मुझे क्या मिलेगा? चूहे ने जवाब दिया मैं तुमसे शादी कर लूंगा। यह सुन लड़की ने चूहे को गोद में उठा कर उसे जैसे ही प्यार पूर्वक सहलाया, वह चूहिया बन गयी।
पर चूहे ने अपना वचन निभाया। उसने चूहिया बनी लड़की से शादी कर ली।

जय श्री राम। जैसे उसके दिन (किसके) बदले सबके बदलें।

5 टिप्‍पणियां:

राज भाटिय़ा ने कहा…

अजी लडका यानि चुहा अपने वचन का पक्का निकला:)

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

बहुत जोरदार.:)

रामराम.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

बढ़िया पोस्ट!
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Udan Tashtari ने कहा…

हे प्रभु!! :)

ललित शर्मा ने कहा…

अच्छी पोस्ट,बेहतरीन

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