बुधवार, 24 मार्च 2010

सचिन इसीलिए कुछ अलग सा है.

आई पी एल नामक क्रिकेट के तमाशे में सम्मिलित टीमों के नामों पर गौर किया है आपने?

चलिए मान लेते हैं कि ऐसी हुल्लड़ भरी नौटंकियों में भाग लेना है तो नाम भी ऐसे, वैसे, कैसे, कैसे ही होंगे, लोगों को रोमांचित व उत्तेजित करने के लिए, बिल्कुल WWF की कुश्तियों की तरह।

आईए जरा नामों पर गौर करें :- (लिप्यान्तरण पर ज्यादा ध्यान न दें)

1, Chennai Super Kings :- राजाओं के राजा।

२, Bangalore Royal Challengers :- शाही चुन्नौति पेश करने वाले।

3, Deccan Chargers :- तेज तर्रार युद्ध के घोड़े।

4, Delhi Dare Davils :- खतरनाक शैतान।

5, Kings XI Punjab :- राजाओं का जमावड़ा।

6, Kolkata Knight Riders :- नाईट की उपाधि प्राप्त घुड़सवार।

7, Rajasthan Royals :- राजसी लोगों का समूह।

8, Mumbai Indians :- मुम्बई के भारतीय या हिंदोस्तानी।

मुम्बई की टीम भी कोई ऐसा नाम रख सकती थी जैसे - मुम्बई डान, मुम्बई मोनार्क, मुम्बई एलीट, मुम्बई थ्रस्टर या ऐसा ही कुछ।

पर जैसा उसका कप्तान है, धीर, गंभीर, शांत, मितभाषी। वैसा ही उसकी टीम का नाम भी है। जाहिर है नाम रखते समय कप्तान की सहमति भी जरूर ली गयी होगी।

पर इस तमाशे, नौटंकी की चकाचौंध में भी तेंदुलकर ने अपने देश और देशवासियों को याद रखा। यही उसका बड़्ड़पन है, उसकी महानता है। यही सोच उसे औरों से कुछ अलग करती है।

5 टिप्‍पणियां:

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

बढ़िया. लेकिन क्या यह नाम सचिन ने ही रखा है?

राज भाटिय़ा ने कहा…

अजी एक नाम हमारी ओर से भी " मुंबई टपोरी"
वेसे मै क्रिकेट तो कभी भी नही देखता.
पहली टिपण्णी पता नही किथ्ते चली गई??

Udan Tashtari ने कहा…

हा हा!! बढ़िया विश्लेषण!!

:)

Arshad Ali ने कहा…

आपसे पूरी तरह से सहमत
वास्तव में सचिन सचिन यू हीं नहीं माने जाते..कुछ तो महानता है हीं इस महान खिलाडी में .

दिगम्बर नासवा ने कहा…

अच्छा विवेचन है ...