एक बहुत पुरानी कहानी है, पर यह पूरी तरह आज अमेरिका के चरित्र को उजागर करती है :-
एक मेमना एक झरने से पानी पी रहा था। तभी उससे काफी उंचाई पर एक भेडिया कहीं से घूमता-घामता आ पहुंचा। मेमने को देखते ही उसके मुंह में पानी आ गया और वह उसे मारने का बहाना बनाते हुए मेमने को डांटते हुए बोला, अरे बेवकूफ तू मेरे पीनेवाले पानी को जूठा क्यों कर रहा है? बेचारे मेमने की हालत तो भेड़िये को देख ऐसे ही खराब हो गयी थी, फिर भी उसने साहस कर कहा, कि पानी तो ऊपर से नीचे की ओर आ रहा है, मैं उसे जूठा कैसे कर सकता हूं। यह सुन भेड़िया एकबार तो सकपका गया पर उसे तो मेमने को अपना शिकार बनाना था। झुंझला कर भेड़िये ने कहा, चलो ठीक है पर यह तो बता कि पिछले साल तूने मुझे गाली क्यूं दी थी। मेमना कुछ संभल गया था। उसने जवाब दिया, मैं पिछले साल आपको गाली कैसे दे सकता था, मैं तो अभी आठ महीने का ही हूं। अपना वार खाली जाते देख भेड़िया बुरी तरह गुस्से में आ गया और बोला, साले तूने नहीं तो तेरे बाप ने मुझे गाली दी होगी। इतना कह भेड़िये ने झपट कर मेमने को दबोच लिया और उसका काम तमाम कर दिया।
आज दुनिया में अमेरिका का रवैया भी उस भेड़िये से मिलता-जुलता है। जो भी उसके खिलाफ खड़ा होने या उसकी बात ना मानने की जुर्रत करता है, उसका हश्र कुछ-कुछ उस गरीब मेमने सा ही हो जाता है।