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इस ब्लॉग में कोशिश की गई है, देश, समाज में चली आ रही मान्यताओं, कथा-कहानियों को, बगैर किसी पूर्वाग्रह के, एक अलग नजरिए से देखने, समझने और सामने लाने की ! इसमें कुछ रोचक व्यक्तिगत वाकयों को साझा किया गया है, जो किसी के चेहरे पर मुस्कान ला सकते हैं। इसके साथ ही यात्रा संस्मरणों को भी जगह मिली है, जो पर्यटन प्रेमियों के लिए काफी जानकारी उपलब्ध करवाते हैं ! ब्लॉग की सदा यह कोशिश रहती है कि वह कुछ अलग सी, रोचक, अविदित सी जानकारी मिलते ही उसे साझा कर ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचा सके ! अब इसमें इसको सफलता मिले, ना मिले, प्रयास तो सदा जारी रहेगा !
मैं गगन शर्मा, जुलाई 2008 में कादम्बिनी पत्रिका के एक ब्लॉग संबंधी लेख ने जैसे मुझे पूरी दुनिया से परिचित करवा दिया। एक ऐसा मंच, जहां से अपनी बात को हजारों लोगों से साझा करने की सहूलियत मिलती थी ! उसी से प्रेरित हो ''कुछ अलग सा'' का अस्तित्व में आया। शुरुआत धीमी रही, पर स्थापित ब्लॉग लेखकों का बहुत सहयोग मिला ! धीरे-धीरे पहचान बनने लगी ! इसी बीच कई अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की आंधी आई, लोगों की पसंद बदल गई ! कई ब्लॉग बंद हो गए ! पर मेरी सोच यही रही कि कुछ भी हो जाए ''कुछ अलग सा'' चलता रहेगा ! उसका प्रतिसाद पाठकों के प्रेम के रूप में मिला, आज यह सोलह लाख से भी ऊपर देश-विदेश में पढ़ा जा चुका है।
इसकी मुख्य कैटगरी में यात्रा वृत्तांत, जैसे अंडमान, सिक्किम, भूटान इत्यादि जगहों की यात्रा के संस्मरण ! कुछ कम ज्ञात स्थानों का विस्तृत विवरण, जैसे दिल्ली की भूली भटियारी, कोटा का विभीषण मंदिर, जिनके बारे में वहां के रहने वाले भी बहुत कम जानते हैं ! पुरानी कथाओं में उपेक्षित चरित्रों का एक अलग सकारात्मक आंकलन जैसे संपाति का सूर्य अभियान या होलिका के मंगेतर इलोजी की कथा ! समकालीन विषयों और व्यक्तियों पर चर्चा, जो चर्चित हो रहे हों !
मैं अकेला ही ब्लॉग चलाता हूँ ! यात्राओं के लेखों के साथ जहां तक संभव हो अपने द्वारा खींची गई फोटुओं को ही प्राथमिकता देता हूँ ! अभी तक कोई टीम नहीं बनी है, पर यदि कोई जुड़ना चाहे तो स्वागत है !
Yours,
Gagan Sharma
kuchhalagsa.blogspot.com
9910909476.
gagansharma09@gmail.com
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