कल रात अपने एक राजस्थानी मित्र के चिरंजीव की शादी में जाना हुआ था। बातों ही बातों में पता चला कि राजस्थानी भाषा में पति और पत्नी के लिए अलग-अलग करीब २५० शब्दों का प्रयोग होता है। मित्र के पिताजी ने कुछ पर्याय बताए, वही पेश कर रहा हूँ :-
पति : अलबलियो, आलीजो, उमराव, कामणगारो, केसरियो बालम, गायड़मल, ईसर, गढपतियो, चतर, जलाल, ढोला, गुमानीड़ो, छैलभंवर, पिव, भरतार, मूंछालो, राईवर, रावतियो, पांवड़ां, ललबलिया, नवलबनो, भंवर, मारूजी, रसियो, राजकवंर, रायजादो, लसकरियो, सास सपूती रा पूत, साहिबां, सुगणो, नणद रो वीर, सायबो, सरदार, इत्यादि।
पत्नी : - अरधंगी, कामणगारी, गौरी, चितहरणी, चुड़ाहाली, अलबेली, कांमणी, नखराली, चंदाबदनी, फूलवंती, मरवण, मिरगानैणी, रमणी, लाडी, सुगणीनार, पद्मणी, नार, मारू, सुवागण, स्याणी, जोड़ायत, इत्यादि।
पति : अलबलियो, आलीजो, उमराव, कामणगारो, केसरियो बालम, गायड़मल, ईसर, गढपतियो, चतर, जलाल, ढोला, गुमानीड़ो, छैलभंवर, पिव, भरतार, मूंछालो, राईवर, रावतियो, पांवड़ां, ललबलिया, नवलबनो, भंवर, मारूजी, रसियो, राजकवंर, रायजादो, लसकरियो, सास सपूती रा पूत, साहिबां, सुगणो, नणद रो वीर, सायबो, सरदार, इत्यादि।
पत्नी : - अरधंगी, कामणगारी, गौरी, चितहरणी, चुड़ाहाली, अलबेली, कांमणी, नखराली, चंदाबदनी, फूलवंती, मरवण, मिरगानैणी, रमणी, लाडी, सुगणीनार, पद्मणी, नार, मारू, सुवागण, स्याणी, जोड़ायत, इत्यादि।


