सोमवार, 17 अगस्त 2009

दीपिका पादुकोण को देख मन कुढ़ता है

कभी-कभी आपने देखा होगा कि क्रिकेट में बुरी तरह हार जाने के बावजूद एक ऐसा विज्ञापन आता रहता था, जिसमें इरफान की बाल आग उगल रही होती है, विरेन्द्र सहवाग के बैट से छू कर बाल मैदान के बाहर जा रही होती है और धोनी असंभव सा कैच लेने में सफल होता है और आप भारत की हार, जिसने टीम को प्रतियोगिता से बाहर करवा दिया था, को याद कर कुढते रहते हैं।
ऐसा ही कुछ पिछले एक पखवाड़े से मेरे साथ हो रहा था, #दीपिका_पादुकोंण_को_खम-खा-कर #BSNL का प्रचार करते देख। उसके अनुसार #BSNL पूरे "इंडिया" को लाइटिनिंग युग में ले जायेगा। हर चीज विद्युत की तेजी से सम्पन्न हो जाया करेगी। अब बताईये जिसका फोन पिछले 14 दिनों से कोमा में पड़ा हो, जिसका चोंगा घर का हर सदस्य दिन में दर्जनों बार धड़कन वापस आने की उम्मीद से उठाता हो, जिसकी मधुर ध्वनी सुनने के लिये सब के कान चौबीसों घंटे उसकी ओर लगे हों उनके दिल पर क्या बीतती होगी यह सब देख-सुन कर। जी हां पूरे चौदह दिनों से मेरा फोन कोमा में है। इसके डाक्टरों को पूछ-पूछ कर हार गया कि ऐसा कौन सा फ्लू इसे हो गया है जो इसकी बोलती बंद है। पर आज तक किसी डाक्टर ने सही जवाब दिया है जो यह बताते। रोज कल-कल करते कितने कल निकल गये यह सच साबित करते हुए कि क्या कभी कल भी आया है।
इधर यह हालत है कि मैं आप लोगों से ना मिल पाने की वजह से गम खाये जा रहा हूं। यह जानते हुए भी कि मेरे वहां ना जाने से किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता, पर वहां ना होने की वजह से मुझे जो फर्क पड़ा उसे कैसे बताऊं। सोचता हूं कि क्यूं एक छोटे से इलाके के कुछ सौ फोनों को सुधारने में सैकड़ों घंटे लग जाते हैं सरकारी मशीनरी को। जब की ना इस बार इतना पानी ही बरसा कि जल-थल हो जाये। दूसरी ओर निजी कंपनियों के कर्मचारी दिन-रात एक कर देते हैं एक-एक फोन को काम करवाते रखने के लिये। उत्तर भी मिल जाता है इस कहानी से -
एक बार एक शेर एक खरगोश को अपना शिकार बनाने के लिये उस पर झपटा। काफी दौड़ने के बाद भी वह शेर के हाथ नहीं आया। उसके लौटने पर शेरनी ने पूछा कि तुम एक अदने से खरगोश को क्यों नहीं पकड़ पाये? शेर ने जवाब दिया , मैडम वह अपनी जिंदगी बचाने के लिये दौड़ रहा था, जबकि मैं उसे खाने के लिये।

11 टिप्‍पणियां:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

वाह.........
गज़ब।

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

इसीलिये तो BSNL इतने सालों जनता का खून चूसने के बावजूद भी आज तक टीबी का मरीज है.

रामराम.

Ratan Singh Shekhawat ने कहा…

BSNL में सिर्फ पांच प्रतिशत लोग है जो काम करते है उन्ही की बदौलत यह कंपनी साँस ले रही है वरना अब तक ये कभी की दम तोड़ चुकी होती |

अविनाश वाचस्पति ने कहा…

बी एस एन एल पर अब आई पी टी वी भी देखने को मिलेगा ताऊ जी।

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi ने कहा…

आप दीपिका को देखते ही क्यों हैं? कम से कम जान तो जलने से बच जाएगी। रिमोट हाथ में रखिए और जब भी ब्रेक आए चैनल बदल डालिए।

cmpershad ने कहा…

"इधर यह हालत है कि मैं आप लोगों से ना मिल पाने की वजह से गम खाये जा रहा हूं। "

अच्छा तो यह दीपिका की कारगुज़ारी थी जो आप इतने दिन गायब थे:)

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

मेरे साथ भी यही हुआ है. जीएम कहता है डीजीएम से बात करो, डीजीएम एसडीई से, एसडीई एसडीओ से, एसडीओ जेटीओ से बस यही चलता है.

अनिल कान्त : ने कहा…

ha ha ha :)

Neha ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
Neha ने कहा…

ab phone ke swine flu ke bhi teeke khojne padenge

Neha ने कहा…

bsnl ka full form.....bhai saahab nahi chalega....aur bhool se bhi naa lena....