गुरुवार, 3 जनवरी 2019

गुणों की खान है, गुड़

प्रकृति और इंसान के आपसी ताल-मेल की अद्भुत उपज है, गुड़। धरा ने आदमी की मेधा की परख के लिए द्रव्य रूप में अमृत रूपी रस को डंडों में भर खेतों में उपजाया तो इंसान ने उसे ठोस रूप दे एक बहुगुणी वस्तु की शक्ल दे दी। वस्तु भी कैसी, जिसका उपयोग वर्षों तक शादी-ब्याह, तीज-त्यौहार, सामान्य व शुभ अवसरों पर सदियों से अमीरों और ग़रीबों में मीठे और कुछ-कुछ ओषधि के रूप में होता रहा। भले ही विदेशी बाजार अपने मतलब के लिए इसे कितना ही अस्वास्थयकर कहे, पुरातन कहे पर सही मायने में यह अत्यंत गुणकारी, फायदेमंद, सेहतप्रद और सर्वसुलभ प्रकृति की देन है.........!


#हिन्दी_ब्लागिंग   

हमारे देश में व्यापार की अनंत संभावनाओं को देखते हुए विदेशी व्यापारियों ने यत्र-तत्र-सर्वत्रअपना जाल तो फैलाया ही है साथ ही हनारी कई उपयोगी-स्वास्थयकर और गुणकारी वस्तुओं, जैसे घी, तेल, मसाले, वनौषधियों, जड़ी-बूटियों इत्यादि के बारे में भ्रामक अफवाहें फैला उन्हें हानिकारक और निरुपयोगी सिद्ध करने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी है ! ऐसी ही एक अत्यंत उपयोगी वस्तु है गुड़ !


प्रकृति और इंसान के आपसी ताल-मेल की अद्भुत उपज है, गुड़। धरा ने आदमी की मेधा की परख के लिए द्रव्य रूप में अमृत रूपी रस को डंडों में भर खेतों में उपजाया तो इंसान ने उसे ठोस रूप दे एक बहुगुणी वस्तु की शक्ल दे दी। वस्तु भी कैसी, जिसका उपयोग वर्षों तक शादी-ब्याह, तीज-त्यौहार, सामान्य व शुभ अवसरों पर सदियों से अमीरों और ग़रीबों में मीठे और कुछ-कुछ ओषधि के रूप में होता रहा। हालांकि समय के साथ इसको परिष्कृत कर इसके और शुद्ध रूपों की ईजाद, शक्कर तथा चीनी के रूपों में हुई, पर उनमे इसके लाभकारी गुणों का समावेश नहीं हो पाया।
सर्दियों की फसल, गन्ने से तैयार होने वाला गर्म तासीर वाला गुड़, मनुष्य को प्रकृति की अनुपम देन है। चिकित्सा-शास्त्र भी इसमें पाए जाने वाले खनिजों के कारण, मानता है कि यह इंसानों के साथ-साथ जानवरों के लिए भी उतना ही उपयोगी व गुणकारी है। इस बात का ज्ञान हमारे पूर्वजों को बहुत पहले से ही रहा है इसीलिए वे अपने पालतू पशुओं के लिए भी इसका उपयोग बेझिझक करते आ रहे हैं। पर बाजार के बहकावे में आ आधुनिक पीढ़ी और शहरवासी उचित जानकारी के अभाव में इसका उपयोग करने से कतराते हैं जबकि यह चीनी से ज्यादा सुरक्षित, फायदेमंद और गुणकारी है।
खजूर का गुड़ 
आधुनिकता भले ही इसे कितना ही अस्वास्थयकर कहे, पुरातन कहे पर सही मायने में यह अत्यंत गुणकारी, फायदेमंद, सेहतप्रद और सर्वसुलभ प्रकृति की देन है। उचित मात्रा में इसके सेवन से पाचन तंत्र सही रहता है, भोजन पचाने में सहायता करता है, भूख बढ़ाता है, पेट की व्याधियों को दूर करता है, अनीमिया से बचाता है, यादाश्त तेज करता है, रक्त-चाप ठीक रखता है, ऊर्जा का बेहतरीन स्रोत है,  खून को शुद्ध करता है, आँखों के लिए फायदेमंद है, सर्दी में शरीर का तापमान ठीक रखता है, हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है, सर्दी-जुकाम-खांसी-एलर्जी, जोड़ों के दर्द आदि में भी फायदा पहुंचाता है। आयुर्वेद में रात के भोजनोपरांत रोज इसकी करीब एक तोला मात्रा लेने की सलाह दी जाती है। हाँ शुगर के रोगियों को थोड़ा परहेज जरुरी है।
नारियल गुड़ 

गुड़ का उत्पादन हमारे देश के अलावा श्री लंका, नेपाल, पकिस्तान, अफगानिस्तान, ईरान, जापान, इंडोनेशिया, मेक्सिको, ब्राजील इत्यादि अनेक देशों में किया जाता है। हर जगह के वातावरण के अनुसार ही इसके स्वाद, गुण और विशेषताएं होती हैं। जो बहुत कुछ इसको बनाने वाले के हुनर और कार्यकुशलता पर भी निर्भर करती हैं।जहां श्री लंका के गुड़ को सर्वोपरि माना जाता है, वहीं हमारे देश में पंजाब का गुड़ और शक्कर बेहतरीन मानी जाती है। ईख के अलावा हमारे देश के पूर्वोत्तर और दक्षिणी राज्यों में खजूर के रस से भी गुड़ बनाया जाता है, जो हल्की या कुछ कम मिठास पसंद करने वालों के लिए बेहतरीन विकल्प है। इधर नारियल के रस से भी गुड़ बनाया जाने लगा है पर उसके गुण-शक्लो-सूरत चीनी के ज्यादा करीबी होते हैं। 


गुड़ चक्की 
वैसे तो इसका सेवन साल भर किया जा सकता है पर अभी इस सर्दी के मौसम में तो गुड़ के सेवन का बेहतरीन अवसर है। भले ही इसका सीधा उपयोग करें या फिर इससे बने ढेरों सुस्वादु खाद्य पदार्थों का सेवन करें ! पर जरा-ज़रा सा रोज जरूर खाएं और साल भर सेहतमंद रहने का फायदा उठाएं। 

6 टिप्‍पणियां:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शुक्रवार (04-01-2019) को "वक़्त पर वार" (चर्चा अंक-3206) पर भी होगी।
--
सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
--
चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
--
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

गगन शर्मा, कुछ अलग सा ने कहा…

शास्त्री जी, आपको और आपके पूरे परिवार को नव वर्ष की शुभकामनाएं

Jyoti khare ने कहा…

सार्थक और सटीक जानकारी
आभार

गगन शर्मा, कुछ अलग सा ने कहा…

खरे जी, आपको सपरिवार नव-वर्ष की शुभकामनाएं। ''कुछ अलग सा'' पर आपका सदा स्वागत है।

संजय भास्‍कर ने कहा…

सटीक जानकारी पूरे परिवार को नव वर्ष की शुभकामनाएं

गगन शर्मा, कुछ अलग सा ने कहा…

संजय जी, आप और आपके पूरे परिवार के लिए भी आने वाला समय मंगलमय हो

विशिष्ट पोस्ट

हिंदी, अपनाना है तो दिल से अपनाएं

ठीक है अंग्रेजी का महत्व अपनी जगह है। पर उसके कारण, अकारण ही हम अपनी भाषा को हीन समझते हैं, उसे दोयम दर्जे की मान लेते हैं ! दुःख तो तब होता...