बुधवार, 9 जनवरी 2013

भारत बनाम इंडिया

भारत और इंडिया, तुलना अच्छी है, पर दोनों कभी एक दूसरे के विरोधी नहीं रहे। आप क्या कहते हैं?  

9 टिप्‍पणियां:

ब्लॉग बुलेटिन ने कहा…

तस्मात् युध्यस्व भारत - ब्लॉग बुलेटिन आज की ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार ने कहा…



♥(¯`'•.¸(¯`•*♥♥*•¯)¸.•'´¯)♥
♥♥नव वर्ष मंगलमय हो !♥♥
♥(_¸.•'´(_•*♥♥*•_)`'• .¸_)♥


भारत और इंडिया की तुलना अच्छी है...
बहुत सही भी है ...
आदरणीय गगन शर्मा जी
कहां कैसे पाएं हमारे भारत को


हार्दिक मंगलकामनाएं !
मकर संक्रांति की अग्रिम शुभकामनाओं सहित…

राजेन्द्र स्वर्णकार
◥◤◥◤◥◤◥◤◥◤◥◤◥◤◥◤◥◤◥◤◥◤◥◤◥◤

गगन शर्मा, कुछ अलग सा ने कहा…

राजेन्द्र जी, सहर होने के पहले अंधियारा और गहरा जाता है। सुबह जरूर होगी इसी आशा के साथ अपनी तरफ से भरसक कोशिश करते रहते हैं, भले ही वह छोटी से छोटी हो।

गगन शर्मा, कुछ अलग सा ने कहा…

ब्लाग बुलेटिन का आभारी हूं।

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

सही तुलना की है, समस्या तब आती है जब घर्षण हो जाता है।

G.N.SHAW ने कहा…

अपने की अपनत्व कुछ और ही है |वह है भारत

G.N.SHAW ने कहा…

आप को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं |

स्मृति उपाध्याय ने कहा…

बहुत खुब तुलना अचछी है

भारत की यहीं सारी बातें हमें अब भार लगने लगी हैं, निम्न स्तर का लगता है उसमे रत न होकर हम इंडिया में इन होना चाहते हैं।


P.N. Subramanian ने कहा…

बहुत अछि लगी

विशिष्ट पोस्ट

कोई तो कारण होगा, धर्म स्थलों में प्रवेश के प्रतिबंध का !!

अभी कुछ दिनों पहले कुछ तथाकथित आधुनिक महिलाओं ने सोशल मिडिया पर गर्व से यह  स्वीकारा था कि माह के उन  कुछ ख़ास दिनों में भी वे मंदिर जात...