सोमवार, 31 अक्तूबर 2011

खुश, सुखी व स्वस्थ रहना कोई बहुत मुश्किल काम नहीं है।

कुछ बातें अति साधारण लगती हैं, पर होती बडे काम की हैं। इनकी जानकारी जो बहुत लाभदायक होती हैं और अधिकांश लोगों को मालुम भी होती हैं, पर सब कुछ याद नहीं रह पाता। इसलिए इन सब बातों को जो जीवन में अहम महत्व रखती हैं, उन्हें दोहराते रहना चाहिए।

ऐसी ही कुछ बातें हैं जो हमारे बडे-बुजुर्गों ने अपने जीवन के अनुभवों से जानी-परखीं और जन हित के लिए सब को बताईं। जिनके प्रयोग से आदमी स्वस्थ और दीर्घ जीवन प्राप्त कर सकता है। इनमें प्रमुख हैं :-

गरिष्ठ भोजन से बचें, कम से कम रोज तो ना ही लें। पेट भर भोजन ग्रहण ना करें। भोजन के साथ पानी ना पीयें, बहुत ही जरूरी हो तो जरा सा लें। भोजन के बाद तुरंत जल ग्रहण ना करें। अधिक मीठे का प्रयोग ना करें। गहरी सांस लेने की आदत डालें। कितनी भी उम्र हो नियमित व्यायाम, आसन या प्राणायाम जरूर करें। कोई रोग हो भी जाए तो उसकी चिंता में ना ड़ूबे रहें उसका उचित इलाज और प्रभू के जप को दवा बनाएं। श्रम या मेहनत से बचने की कोशिश ना करें। अपनी निंदा को सुन धैर्य ना खोएं। अपने दोषों को याद रखें हो सके तो उनकी सूचि बना लें और उन्हें दूर करने की कोशिश करें। ईर्ष्या, द्वेष, परनिंदा से बचें। किसी के साथ भी दुर्व्यवहार ना करें। किसी का दिल ना दुखाएं। झूठ का सहारा ना लें, इससे भी बेवजह तनाव और दिल पर बोझ बढता है। अपने आचार, विचार और व्यवहार को दुषित ना होने दें। बुरे प्रसंगों को याद ना रखें। जो होना है वह हो कर ही रहेगा सो बेकार की चिंता ना पालें,सर्वशक्तिमान की शरण मे अपने आप को पूर्णतया समर्पित कर दें। हो सके तो सोते समय अपनी जानी-अनजानी भूलों की सबसे क्षमा-याचना जरूर करें।

देखिएगा मन हल्का, तन स्वस्थ और दिमाग तनाव मुक्त रहेगा।

15 टिप्‍पणियां:

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

सीधे और सरल उपाय

संगीता पुरी ने कहा…

बढिया सलाह ..

ब्लॉ.ललित शर्मा ने कहा…

मुफ़्त का ईलाज, दमदार ईलाज

चंद्रमौलेश्वर प्रसाद ने कहा…

यही तो गडबड है,,,, साधारण काम ही कठिन होते है :)

Ratan Singh Shekhawat ने कहा…

बढ़िया सलाह के लिए आभार :)
Gyan Darpan
RajputsParinay

Sunil Kumar ने कहा…

अच्छी सलाह ..

गगन शर्मा, कुछ अलग सा ने कहा…

भला-बुरा जानते हुए भी हम खुद को संभाल नहीं पाते। जरा सी सावधानी बड़ी मुसीबत को टाल सकती है।
कहने और गुनने मे फर्क होता है। सलाह देना कितना आसान है पर क्या सलाह देने वाला खुद पूरी तरह अमल मे ला पाता है? :-)

महेन्द्र मिश्र ने कहा…

prerak or nek salaah post ke madhyam se prastut karne ke liye abhaar...

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
छठपूजा की शुभकामनाएँ!

dheerendra ने कहा…

आपके सुझावों को अपनाने की कोशिश करूगा,बढ़िया पोस्ट..मेरी नई पोस्ट देखे..स्वागत है

G.N.SHAW ने कहा…

सुझाव बहुत ही सार्थक और नितांत आवश्यक है ! बधाई ! मेरे ब्लॉग का लिंक बदल गया है - नया लिंक-www.gorakhnathbalaji.blogspot.com

वाणी गीत ने कहा…

आधा इलाज़ तो हो ही गया समझो ...
अच्छी सलाह !

Harshad Jangla ने कहा…

Gaganji
Garishtha Bhojan yane?

गगन शर्मा, कुछ अलग सा ने कहा…

हर्षदजी, देर से पचने वाले, तले हुए, ज्यादा घी, तेल से बने खाद्य पदार्थ इस श्रेणी मे आते हैं।

sakshi ने कहा…

achchi salah hai
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