शुक्रवार, 12 सितंबर 2014

सिर्फ पीसा की मीनार ही झुकी हुई नहीं है




पीसा के अलावा दसियों ऐसी इमारतें हैं जो सीधी न हो कर किसी एक तरफ झुकी हुई हैं। वे पीसा जितनी ना सही पर अपने आप में अजूबा जरूर हैं। अपने देश में भी है एक अनोखा शिव मंदिर। यह  विश्व का अकेला  मंदिर है जो एक तरफ झुका हुआ है।  

हुमा मंदिर, उड़िसा  
आम धारणा है कि इटली में स्थित पीसा की मीनार ही दुनिया में अकेली झुकी हुई इमारत है। जबकि सच्चाई यह है कि  उसके अलावा भी दर्जनों ऐसे निर्माण हैं जो धरती पर सीधे न खड़े रह पा कर किसी एक ओर झुक गए हैं। इसका कारण चाहे भूकंप हो, चाहे उस स्थान की सतह में कोई गड़बड़ी हो या फिर वातावरण का असर हो।  हालांकि आज की उन्नत तकनीक के कारण उनका संरक्षण असंभव नहीं रह गया है।  अब तो खुद इंजीनियर और वास्तुकार भी इमारतों को अलग रूप देने के लिए उन्हें टेढ़ा-मेढ़ा, चक्राकार या झुका हुआ रूप देने लगे हैं। पीसा के अलावा दसियों ऐसी इमारतें हैं जो सीधी न हो कर किसी एक तरफ झुकी हुई हैं। वे पीसा जितनी ना सही पर अपने आप में अजूबा जरूर हैं।                      

हमारे अपने देश में भी इस तरह की एक इमारत है। जो ओडिसा राज्य के संबलपुर जिले से 23 की.
मंदिर में बिंबलेश्वर महादेव 
मी. दूर गांव हुमा में महानदी के किनारे स्थित है। यह एक शिव मंदिर है जहां शिव जी का विम्बलेश्वर रूप स्थापित है। यह मंदिर एक  200 x 120 फिट के चबूतरे पर बना हुआ है। वर्षों पहले इसने अपनी नींव से उत्तर-पूर्व की और बहने वाली नदी की ओर  झुकना शुरू किया था पर आश्चर्यजनक रूप से पिछले पचास सालों से यह स्थिर बना हुआ है। इसका झुकना और थमना अभी भी एक रहस्य बना हुआ है।  सबसे चमत्कृत करने वाली बात यह है कि उस परिसर की चीज झुकी हुई अवस्था में है पर जिधर मंदिर झुका है उसकी विपरीत दिशा में। फिर वह चाहे छोटे मंदिर हों या फिर चारदीवारी। यहां दूर-दूर से लोग आते हैं और मार्च के महीने में शिव-रात्रि पर भव्य मेला भी लगता है।   

   
 ऐसी ही एक ईंटों से बनी मीनार है, रूस के कजान शहर में वोल्गा नदी के तट के पास जो पीसा की मीनार से भी दो मीटर ऊंची है। इसे Soyembika  मीनार के नाम से जाना जाता है। छह मंजिला, 58 मीटर ऊंची यह इमारत करीब  1. 87 मीटर झुकी हुई है।  समय के साथ कमजोर होती इस मीनार की नींव में पंपों के जरिए कंक्रीट भर कर इसे मजबूती प्रदान की गयी, जिससे इसके गिरने का खतरा टल गया। इसको रूसी जार इवान द टेरीबल ने अपनी प्रेमिका के लिए जल्दबाजी में तैयार करवाया था।     
 रूस के ही NEVYANSK शहर में एक ऎसी इमारत है जो अपनी नींव से दाहिनी तरफ करीब सात फुट तक झुकी हुई है। 57. 6 मीटर ऊंची, सैंकड़ों टन के वजन वाली इस मीनार के झुकने का कारण इसके नीचे स्थित जल-परवाह को माना जाता है जिसके कारण इसकी नींव का छरण होने की वजह से यह एक और को झुक गयी। समय रहते इसको बचाने के प्रयासों के कारण इसे संरक्षित करना संभव हो पाया।  इसे किस लिए बनाया गया था इसके बारे में तरह-तरह की अटकलें प्रचलित हैं। कोई इसे  "वाच टॉवर" और कोई  कैदखाना बताता है। जो भी हो यह है अपने आप में  एक नमूना है।  

झुकी हुई इमारतों की श्रेणी में सर्वोपरि है जर्मनी का एक चर्च जिसे  Suurhusen Tower के नाम से जाना जाता है।  गिनीज रेकार्ड के अनुसार तेरहवीं शताब्दी में बनी यह विश्व की सबसे ज्यादा झुकी हुई, 90 फिट ऊंची इमारत है जो अपनी नींव से करीब 5.19 डिग्री का कोण बना चुकी है। इसकी नींव लकड़ी से बनाई गयी थी जो जमीन की नम मिट्टी के कारण अपने भार को संतुलित न कर पाई और एक ओर झुकती चली गयी।  पर स्थानीय निवासियों और इंजीनियरों की मेहनत से आज यह चर्च सर उठाए खड़ा  है।    

ऐसी कई इमारतें और मीनारें हैं जो इस तरह की अवस्था में सैलानियों को आकर्षित करती हैं पर उतनी विख्यात नहीं हैं जितनी पीसा की झुकी मीनार। उनकी खोज-खबर फिर कभी।    

10 टिप्‍पणियां:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
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आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल शनिवार (13-09-2014) को "सपनों में जी कर क्या होगा " (चर्चा मंच 1735) पर भी होगी।
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चर्चा मंच के सभी पाठकों को
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

Vaanbhatt ने कहा…

मामला मार्केटिंग का है...ज्ञानवर्धक लेख...

गगन शर्मा, कुछ अलग सा ने कहा…

शास्त्री जी,
आभार।

गगन शर्मा, कुछ अलग सा ने कहा…

वाणभट्ट जी,
सही बात है। अपनी दोयम दर्जे की चीज को सर्वोपरि सिद्ध कर बेच देना आज "मार्केटिंग स्किल" कहलाती है।

Virendra Kumar Sharma ने कहा…

एक दम से नै जानकारी ,सुखद आश्चर्य बेहतरीन प्रस्तुति। बढ़िया चर्चा मंच उत्कृष्ट रचना चयन।

Asha Joglekar ने कहा…

इस अदभुत जानकारी का बहुत आभार।

Onkar ने कहा…

बहुत सुंदर

Sanju ने कहा…

बहुत ही शानदार और सराहनीय प्रस्तुति....
बधाई मेरी

नई पोस्ट
पर भी पधारेँ।

मन के - मनके ने कहा…

सुंदर व भव्य जानकारी के लिये आभार.

गगन शर्मा, कुछ अलग सा ने कहा…

पधारने के लिए आप सभी का आभार। यहां आपका तथा आपकी राय का सदा स्वागत है।