रविवार, 14 जुलाई 2013

जिसे डायन कहलवाने पर गर्व है

कुछ बातें ऐसी होती हैं जिन्हें किसी भी प्रकार सिद्ध न कर पाने  के बावजूद वे करोंड़ों लोगों का विश्वास बनी रहती हैं। इस तरह की ज्यादातर धारणाएं परालौकिक जगत को ले कर प्रचलित हैं। ख़ासकर इंसान की मृत्यु के बाद  का रहस्य इन बातों का मुख्य मुद्दा रहता आया है। सदियों से या यूं कहें की मनुष्य के जन्म के साथ ही यह रहस्य उपजा और आज तक विद्यमान है. हजारों-हजार ऐसे लोग मिल जाएंगे जिनका दावा है की मृत्युपरांत वे इंसान की आत्माओं के संपर्क में आए या आ सकते हैं।

इप्सिता राय चक्रवर्ती 
इस बात पर शायद ही कोई भरोसा करे कि एक ओर जहां विज्ञान भूत-प्रेत को अंधविश्वास और झूठ मानता है वहीं महान वैज्ञानिक थॉमस एडिसन ने भूतों से बात करने के लिए एक मशीन बनाई थी। अभी कुछ दिनों पहले ऐसी ही एक खबर मीडिया में छाई रही जिसमें कोलकाता की इस्पिता राय चक्रवर्ती ने, जो विका संप्रदाय की एक अनुयायी हैं, इसी मशीन की मदद से भूतों से बात करने का दावा किया है। अपनी किताब "स्पिरिट्स आई हैव नोन" में इप्सिता रॉय चक्रवर्ती ने कहा मोशन पिक्चर कैमरा और फोनोग्राफ बनाने वाले मशहूर अमेरिकी वैज्ञानिक थॉमस एडिसन ने एक "स्पिरिट मशीन" भी बनाई थी। जो भूतों से बात करने के लिए बनाई गई थी और इसके बारे में कुछ चुनिंदा लोगों को ही पता है।  उनके अनुसार हमारा शरीर हजारों तत्वों से बना है जो शरीर के ख़त्म हो जाने के बावजूद नष्ट नहीं होते बल्कि अलग हो जाते हैं. इसलिए उन तरंगित तत्वों से फिर जुडा जा सकता है, इस मशीन से उन तरंगों को पकड़ा जा सकता है और इस तरह भूतों और आत्माओं से संपर्क हो सकता है।  सुनने में आता है कि एडिसन और उनके असिस्टेंट ने यह मशीन बनाई थी लेकिन वो बात करने में सफल हुए थे या नहीं ये बता पाना मुश्किल है।

कौन हैं ये इप्सिता चक्रवर्ती  क्या है विका धर्म .....
आज के समय में जब डायन शब्द एक घोर नकारात्मक और बुरा अर्थ रखता है, जिसकी आड़ में पुरुष निर्देशित समाज महिलाओं पर अत्याचार करने का मौका ढूँढ़ता रहता है, आज भी जब हमारे गाँव-देहातों में औरतें इस शब्द से खौफ खाती हैं, वहीं इप्सिता अपने-आप को डायन कहलवाने में गर्व महसूस करती हैं। उनका कहना है कि पिछले जन्म में औरतों और उनके खुद के ऊपर हुए जुल्म का बदला लेने उन्होंने दोबारा यह जन्म लिया है. इस जन्म में वह सदियों से चले आ रहे स्त्रियों के विरुद्ध षडयंत्र को समाप्त करना चाहती हैं. उनका कहना है, हाँ! मैं डायन हूँ. मैं ही क्यूँ, दुनिया की हर वह स्त्री, जिसे अपने होने का गरूर और अपनी ताकत का एहसास है, डायन है. 
विका संप्रदाय के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि इसका मतलब है "क्राफ्ट आफ वाइल्ड, लर्निंग आफ द वाइल्ड". इसका सिद्धांत है कि प्रकृति में एक सर्वोच्च सत्ता विद्यमान है. जो सर्वव्यापी है. उसकी पूजा-आराधना, मन्दिर, मस्जिद, चर्च या खुले में, कहीं भी की जा सकती है। उस सत्ता का जब हमारी अंदरूनी ताकत, हमारी इच्छाशक्ति से मेल होता है तभी चमत्कार घटित होता है।  

तब के कलकत्ता में 1950 के एक सभ्रांत परिवार में जन्मी तथा विदेश में पली-बढी देश की स्वघोषित प्रिय  डायन  इप्सिता का कहना है कि बचपन में खुद को मिल रहे संकेतों को वह समझ नहीं पाती थी पर उसे एहसास होता रहता था कि उसके आस-पास किसी अनोखी शक्ति का प्रवाह है. धीरे-धीरे उस आनन्ददायक शक्ति की मौजूदगी का प्रमाण मिलने लगा. वे मानती हैं कि उनकी शक्तियों का अभी वैज्ञानिक विश्लेषण नहीं हुआ है. उन्हें खुद भी अपनी बातों को साबित करने में दिलचस्पी नहीं है. वे तो स्त्रियों के पक्ष में जो कुछ भी हो सकता है, जो कुछ भी संभव है, करने को तत्पर रहती हैं. 

2 टिप्‍पणियां:

सु..मन(Suman Kapoor) ने कहा…

sach me kuchh alag sa hai ..:)

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

अत्यन्त रोचक..