मंगलवार, 8 अप्रैल 2014

सेल्फी, खुद की खुद खींची गयी तस्वीर

सेल्फी तब अत्यंत लोकप्रिय हो गयी जब जोहानसबर्ग में नेल्सन मंडेला मेमोरियल के कार्यक्रम में श्रंद्धाजली देते वक्त अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा के द्वारा डेनिश और ब्रिटिश प्रधान मंत्रियों के साथ मुस्कुराते हुए अपनी सेल्फी लेते हुए की फ़ोटो छप गयीं। 

समय और सुविधा के साथ लोगों में तरह-तरह के शौक पनप जाते हैं. जैसे इन दिनों "सेल्फी" का शौक सल्फी के नशे की तरह लोगों पर छाता जा रहा है। जिसके पास भी ज़रा ढंग का मोबाईल कैमरा है वही इस शौक की गिरफ्त में आ अपनी फ़ोटो 'अपलोड' करने पर तुला हुआ है। वैसे अपनी फ़ोटो लेने के प्रयास कैमरे की ईजाद के साथ ही शुरू हो चुके होंगे। जाने-अनजाने बहुतों ने खुद अपनी फ़ोटो खींचने की कोशिश जरूर की होगी; हाँ परिणामों के बारे में नहीं कहा जा सकता कि हर बार ठीक-ठाक ही मिलते हों।  
रॉबर्ट कॉर्नेलियस
खोज-बीन से पता चला है कि दुनिया की अब तक की सबसे पुरानी सेल्फी अमेरिका के एक फोटोग्राफर रॉबर्ट कॉर्नेलियस ने बड़ी मेहनत से 1839 में ली थी। समझा जा सकता है कि उस समय सीमित साधनों के चलते  उसे कितनी मुश्किलातों का सामना करना पड़ा होगा।     
है क्या यह सेल्फी ? यह उस फ़ोटो को कहते हैं जिसे कोई व्यक्ति खुद अपनी तस्वीर अपने डिजिटल कैमरे या मोबाईल फोन के कैमरे से खींच कर किसी सोशल साइट पर चस्पा करता है। इसके लिए या तो कैमरे को अपने सामने हाथ फैला कर या फिर आईने को माध्यम बना फ़ोटो ली जाती है।  इसमें खुद के अलावा किसी और को भी शामिल किया जा सकता है। वैसे तो यह विधा पुरानी है तथा महिला और पुरुषों में सामान रूप से चली आ रही थी पर अचानक यह पिछले दिनों खबरों में छा कर तब अत्यंत लोकप्रिय और व्यापक हो उठी जब जोहानसबर्ग में नेल्सन मंडेला मेमोरियल के कार्यक्रम में श्रंद्धाजली देते वक्त अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा के द्वारा डेनिश और ब्रिटिश प्रधान मंत्रियों के साथ मुस्कुराते हुए अपनी सेल्फी लेते हुए की फ़ोटो छप गयीं। इसके बावजूद की इस काम की दुनिया भर में आलोचना हुई, सेल्फी रातों-रात दुनिया भर में मशहूर हो गयी।  
24 साल पहले खींची फ़ोटो जो अब सेल्फी कहलाती है 
वैसे तो फेस-बुक या माय स्पेस जैसी साइटों पर, सोशल मीडिया की लोकप्रियता के साथ-साथ लोगों ने अपनी फ़ोटो डालना शुरू कर दिया था जिसमें खुद के द्वारा खींची गयी फ़ोटो का भी अच्छा-खासा प्रतिशत हुआ करता था पर उन्हें "सेल्फी" की संज्ञा  2005 में  एक फोटोग्राफर जिम क्राउस ने दी. टाइम पत्रिका के अनुसार 2012 के अंत तक आते-आते तो इसने एक जनून का रूप ले लिया था. जिसके चलते ऑक्सफोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी ने इसे अपने में स्थान देते हुए इसे साल का सबसे लोक-प्रिय शब्द घोषित कर दिया। इसकी ख्याति का इसी से अंदाज लग सकता है कि अब यह दुनिया की सीमा लांघ कर अंतरिक्ष में जा एक नया नाम "स्पेस सेल्फी" भी पा चुका है, जो अंतरिक्ष में जाने वाले यात्रियों द्वारा खींची गयी अपनी फ़ोटो को दिया गया है।   
यदि आपने अभी तक ऐसी कोई कोशिश नहीं की है तो आज ही ऐसा उपक्रम कर डालें और उससे मिलाने वाली वाह-वाही का आनंद लें।         

3 टिप्‍पणियां:

HARSHVARDHAN ने कहा…

आपकी इस प्रस्तुति को ब्लॉग बुलेटिन की आज कि बुलेटिन प्रथम स्वतन्त्रता सेनानी मंगल पाण्डेय और हास्यकवि अलबेला खत्री - ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर .... आभार।।

देवेन्द्र पाण्डेय ने कहा…

मैने तो खूब कोशिश की है जी। फेसबुक में मेरा पिछला प्रोफाइल पिक्चर..सेल्फी ही था।
...बढ़िया जानकारी।।

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

पहले दर्पण में देख कर सेल्फी खींची जाती थी।