शुक्रवार, 17 फरवरी 2012

"बिजली का तेल"

 "बिजली का तेल" यह क्या होता है? मेरे पूछने पर उन्होंने बताया कि बिजली के ट्रांस्फार्मरों में जो तेल डाला जाता है वह लगातार 'हाई वोल्टेज करंट' के संपर्क में आ दर्द निवारक की क्षमता प्राप्त कर लेता है। जोडों इत्यादि के दर्द में काफी फायदेमंद रहता है

 कुछ दिनों से एक मित्र की तबीयत कुछ ठीक नहीं थी तो एक दिन उन्हें देखने उनके घर जाना हुआ। हालांकि उनकी उम्र अभी कुछ ज्यादा नहीं है, 45-46 के होंगे और कोई दुर्घटना भी नहीं हुई पर अचानक जोडों में दर्द शुरु हो गया जिससे बहुत परेशान हैं, चलने-फिरने में बहुत तकलीफ होती है। सीढियां तो बिल्कुल नहीं चढ-उतर पा रहे हैं। चिकित्सा वगैरह का पूछने पर बताया कि अलबत्ता अभी किसी डाक्टर को नहीं दिखाया है पर जो भी दवा जिसने बताई या "दिखाई-सुनाई" पडी सबका उपयोग कर चुके हैं पर कोई फायदा नहीं हुआ है। फिलहाल अभी बिजली का तेल आजमा रहे हैं।
"बिजली का तेल" यह क्या होता है? मेरे पूछने पर उन्होंने बताया कि बिजली के ट्रांस्फार्मरों में जो तेल डाला जाता है वह लगातार 'हाई वोल्टेज करंट' के संपर्क में आ दर्द निवारक की क्षमता प्राप्त कर लेता है। जोडों इत्यादि के दर्द में काफी फायदेमंद रहता है, मुझे भी बहुत आराम मिला है।

कुछ देर बैठ कर मैं वापस तो आ गया पर इस अजीब दवा के बारे में पहली बार सुन कुछ पेशोपेश में पडा हूं। रंग चिकित्सा के बारे में तो सुना था कि सूर्य किरणों से पानी या तेल को लाल, हरे, नीले रंग की बोतलों में आवेषित कर उससे रोग निवारण किया जाता है। तो क्या बिजली की तरंगों से तेल में भी ऐसी कोई क्षमता आ जाती है? यदि आपको इस बारे में कुछ भी जानकारी हो तो मुझे बताएं।

 कुछ दिनों से एक मित्र की तबीयत कुछ ठीक नहीं थी तो एक दिन उन्हें देखने उनके घर जाना हुआ। हालांकि उनकी उम्र अभी कुछ ज्यादा नहीं है, 45-46 के होंगे और कोई दुर्घटना भी नहीं हुई पर अचानक जोडों में दर्द शुरु हो गया जिससे बहुत परेशान हैं, चलने-फिरने में बहुत तकलीफ होती है। सीढियां तो बिल्कुल नहीं चढ-उतर पा रहे हैं। चिकित्सा वगैरह का पूछने पर बताया कि अलबत्ता अभी किसी डाक्टर को नहीं दिखाया है पर जो भी दवा जिसने बताई या "दिखाई-सुनाई" पडी सबका उपयोग कर चुके हैं पर कोई फायदा नहीं हुआ है। फिलहाल अभी बिजली का तेल आजमा रहे हैं।
"बिजली का तेल" यह क्या होता है? मेरे पूछने पर उन्होंने बताया कि बिजली के ट्रांस्फार्मरों में जो तेल डाला जाता है वह लगातार 'हाई वोल्टेज करंट' के संपर्क में आ दर्द निवारक की क्षमता प्राप्त कर लेता है। जोडों इत्यादि के दर्द में काफी फायदेमंद रहता है, मुझे भी बहुत आराम मिला है।

कुछ देर बैठ कर मैं वापस तो आ गया पर इस अजीब दवा के बारे में पहली बार सुन कुछ पेशोपेश में पडा हूं। रंग चिकित्सा के बारे में तो सुना था कि सूर्य किरणों से पानी या तेल को लाल, हरे, नीले रंग की बोतलों में आवेषित कर उससे रोग निवारण किया जाता है। तो क्या बिजली की तरंगों से तेल में भी ऐसी कोई क्षमता आ जाती है? यदि आपको इस बारे में कुछ भी जानकारी हो तो मुझे बताएं।




7 टिप्पणियाँ:

Sunil Kumar ने कहा…

पहली बार सुना है अब मित्र से पूछ कर बताएं फायदा हुआ की नहीं ?

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

यह तो बिल्कुल नयी बात पता लगी..

super-bazar ने कहा…

छत्‍तीसगढ की ग्रामीण जनता अरसों से इसका इस्‍तेमाल कर रही है इस लेख से मुझे लगने लगा है कि ऐसी और कई बातें हैं जो छत्‍तीसगढ की ग्रामीण जनता के पास है जो अचरज की श्रेणी में होगी उसके लिए समय निकाल कर एक पोस्‍ट मारना पडेगा

Archana ने कहा…

सुना तो था ...दादी के मुँह से बचपन में.....आज फ़िर याद आया ..दादी करती थी उपयोग..होता क्या है ये नहीं मालूम था..

K.P.Chauhan ने कहा…

PRIY MITR AAPNE TO KEWAL SUNAA HAI HAI PAR MAINE TO DEKHAA BHI HAI .BIJLI KE TEL KAA ISTEMAL MERE DADA JI BHI KIYAA KARTE THE ,WO YE HI KAHTE THE KI JODON KE DARD KI DAWAA ISSE ACHCHHI OR HO HI NAHIN SAKTI ,WO IS TEL KO MEERUT SE MANGWAAYAA KARTE THE ...............................

KABHI HAMAARAA BLOG BHI THEKHNE KI KRPAA KAREN

गगन शर्मा, कुछ अलग सा ने कहा…

किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सका है। पक्ष-विपक्ष में बराबर मत हैं।

P.N. Subramanian ने कहा…

इस तेल के प्रयोग के बारे में हमने भी सुना है. और तो और गाडी के गियर आयल (पुराना इस्तेमाल किया हुआ) के बारे में भी ऐसा ही कुछ कहा जाता है.