रविवार, 14 अगस्त 2011

भारत के पहले 'इंटरनेट गुरु' शम्मी कपूर नहीं रहे।

अपने समय मे विद्रोही, लीक से हट कर, अपनी विशिष्ट शैली से लाखों लोगों को अपना मुरीद बनाने वाले, अभिनय के दिग्गजों के बीच भी अपनी अलग पहचान बनाए रखने में कामयाब, खिलंदड़े कलाकार के रूप में माने जाने वाले शम्मी कपूर नहीं रहे। उनकी अदाकारी, कलाकारी या अभिनय जैसा भी रहा हो वह अलग बात है पर इंटरनेट को अपनाने वाले वह पहले कलाकार थे। उनका झुकाव नये "गजटों" की तरफ उसी तरह था जैसे एक बच्चे का खिलौनों को लेकर होता है।

बहुत से लोगों को यह जान कर हैरत होगी कि शम्मीजी 1988 से कम्प्यूटर और इंटरनेट का लगातार इस्तेमाल करते आ रहे थे। इस तरह भारत में इस टेक्नोलोजी का सबसे पहले उपयोग करने वाले इने-गिने लोगों में उनका स्थान था।
जब पहली बार वे कम्प्यूटर और प्रिंटर घर लाए थे तो दिन भर उस पर अपने प्रयोग करते रहते थे। एक बार उनके दामाद केतन देसाई के साथ अनिल अंबानी उनके घर आए तो सारा ताम-झाम देख कुछ समझ ना पाये और पूछ बैठे कि क्या शम्मी अंकल ने घर पर ही डेस्क-टाप पब्लिशिंग शुरू कर दी है। इतने बडे ओद्योगिक समूह रिलायंस के अनिल अंबानी द्वारा ऐसा सवाल यह दर्शाता है कि उस जमाने में पर्सनल कम्प्यूटर नाम की किसी चीज से लोग कितने अनभिज्ञ थे। इसीसे यह तथ्य भी पुख्ता होता है कि शम्मीजी भारत में कम्प्यूटर और इंटरनेट के घरेलू उपयोग को बढ़ावा देने वाले रहे हैं। इसीलिए उन्हें भारत का पहला इंटरनेट गुरू या साइबरमैन कह कर पुकारा जाता था।

भगवान उनकी आत्मा को शांति दे और उनके परिवार को इस दुख को सहने का सामर्थ्य।

6 टिप्‍पणियां:

शिवम् मिश्रा ने कहा…

सभी मैनपुरी वासियों की ओर से महान अभिनेता शम्मी कपूर जी को हार्दिक श्रद्धांजलि !

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

इण्टरनेट के पुरोधा को श्रद्धांजलि।

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

हर दिल अजीज और चहेते शम्मी जी को विनम्र श्रद्धांजलि, याहु युग उनके साथ ही शुरू होकर उन्हीं के साथ खत्म होगया.

रामराम

चंद्रमौलेश्वर प्रसाद ने कहा…

इस रिबेल हीरो की स्मृति को नमन॥

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

श्रद्धांजलि!

G.N.SHAW ने कहा…

सम्मी जी को भाव भीनी श्रधांजलि !