शुक्रवार, 11 मार्च 2011

इस (भ्रष्ट)अचार का स्वाद लेना चाहेंगे ?

अभी-अभी ई-मेल से यह अचार मिला है। सोचा आप भी चटकारा लगा लें।


इस अचार का निर्माता भारतीय मतदाता।








10 टिप्‍पणियां:

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

ताऊ की कार्यशाला में गये थे क्या?

योगेन्द्र पाल ने कहा…

मुझे तो अचार पसंद आया :)

प्रतुल वशिष्ठ ने कहा…

सोनिया अम्मा ने अपने हाथों से बनाया है.
जो खाए ......... हाजमा सुधर जाये.
या
इटैलियन कम्पनी का स्वादिष्ट अचार.
चखे जो एक बार.... खरीदे बार-बार.

........ कौन-सा स्लोगन पसंद आया?
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नोट : 'सुधर' मा मतलब 'बिगड़' समझें.

प्रतुल वशिष्ठ ने कहा…

और नोट में आये 'मा' को का समझें.

राज भाटिय़ा ने कहा…

इस आचार की चेकिंग अब बाबा राम देव करेगा, तभी खायेगे...

ललित शर्मा ने कहा…

अचार की ये बरनी हमारे पास भी आई थी जी, हमने टेस्ट करने राज भाटिया जी के पास भेज दी, उन्हे अचार टेस्ट करने का बरसों का अनुभव है।:)

अन्तर सोहिल ने कहा…

पिछले सात सालों से हर भारतीय चाहे-अनचाहे खा ही रहा है :)

प्रणाम

G.N.SHAW ने कहा…

यह भी एक विजय!बहुत अच्छी aa - chaar जबाब नहीं ! धन्यवाद

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

अब समझ में आया कि ताऊ का अचार चोरी होकर कहां पहुंच गया?:)

रामराम

Poorviya ने कहा…

bahut sunder achar ...
jai baba banaras...