मंगलवार, 7 सितंबर 2010

कैसा कैसा ऐसा भी होता है :-)

अरजेंटाइना के ब्यूनस आयर्स के एक मदिरालाय में श्रीमान गोमेज ने एक अनोखी शर्त जीती। उसने शीर्षासन करते हुए बीयर की दस बोतलें पी ड़ालीं।

अपने यहां जनहित में अखबारों में बहुत कुछ छपता रहता है। ऐसे ही जरमनी की एक पत्रिका में अपने पाठकों के लाभ के लिए एक लेख छापा "बिना टिकट लिए रेल यात्रा कैसे करें"। यह अलग बात है कि रेलवे ने पत्रिका पर हजारों पौंड़ का मामला दायर कर दिया, अपने नुक्सान की भरपाई के लिए।

मलेशिया के ब्रिलियंट यंग ने अपने नाम को सार्थक कर दिया। 68 साल की उम्र में उनके तीसरी बार दांतों की पंक्ति निकली।

टोंगा के मछुआरे एलोटे साबू ने अपनी प्रेमिका को मछली पकड़ने वाले जाल में ड़ाल कर समुद्र में फेंक दिया, इतना ध्यान रखा कि ड़ूबे नहीं, पर धमकी देता रहा कि जब तक उससे विवाह को राजी नहीं हो जाएगी वह उसे समुद्र से बाहर नहीं निकालेगा। अदालत ने साबू पर भारी जुर्माना ठोक ड़ाला।

सलमान खान कुछ कहना चाहेंगे ????? :-)

8 टिप्‍पणियां:

महेन्द्र मिश्र ने कहा…

बड़े अजब गजब मामले हैं पंडित जी वाह .... आभार

Rahul Singh ने कहा…

यह सब अलग सा तो है ही. कहां-कहां रहती है आपकी नजर.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (ਦਰ. ਰੂਪ ਚੰਦ੍ਰ ਸ਼ਾਸਤਰੀ “ਮਯੰਕ”) ने कहा…

यकीन तो नही होता!
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मगर आप कह रहें हैं तो मान लेता हूँ!

संगीता पुरी ने कहा…

जब अलग सा ब्‍लॉग ही है आपका .. तो अलग सी घटनाएं तो होंगी ही !!

ललित शर्मा-ললিত শর্মা ने कहा…

अब इसका तो सलमान खान ही जवाब देगा:)

राज भाटिय़ा ने कहा…

अजी यहां तो ओर भी बिचित्र होता है, लेकिन लोग आजाद है अपने विचाए रखने को. धन्यवाद

ललित शर्मा-ললিত শর্মা ने कहा…

सार्थक लेखन के लिए बधाई
साधुवाद

लोहे की भैंस-नया अविष्कार
आपकी पोस्ट ब्लॉग4वार्ता पर

P.N. Subramanian ने कहा…

kuch nayi jaankaariya milin aur manoranjan bhi hua. abhar.

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