गुरुवार, 22 जुलाई 2010

बडबोले धोनी को मुरली का करारा जवाब

श्रीलंका ने आज बड़े शालीन ढंग से बड़बोले धोनी को जवाब दिया जब उन्होंने टेस्ट क्रिकेट की रैंकिंग में पहली पायदान पर काबिज भारत की टीम को दस विकटों से कारारी हार का मजा चखाया।
क्रिकेट को, शालीनता जिसकी पहचान रही है, वैसे भी भद्र जनों का खेल माना जाता रहा है (पर आज कल इसमें ही सब से ज्यादा अभद्रता दिखती है) हार-जीत हर खेल का एक अंग है। पर जिस तरह मुरली के वर्ल्ड रेकार्ड़ को ना बनने देने की बात धोनी ने कही थी वह भारत के क्रिकेट प्रेमियों को भी अच्छी नहीं लगी होगी। किसी खेल में उत्कृष्ट कौशल दिखा सामने वाले को हराना गर्व का विषय होता है। पर ईर्ष्या वश सामने वाले के विरुद्ध टिप्पणी करना नीच मानसिकता का द्योतक है। यही फर्क है सचिन और धोनी में। सचिन ने अपनी कटु से कटु आलोचना का जवाब अपने मैदान में अपने खेल से दिया है। जबकि इस दो सौ करोड़ी कप्तान की मानसिकता और जबान दो कौड़ी का मोल भी नहीं रख पाती।

7 टिप्‍पणियां:

P.N. Subramanian ने कहा…

आप से बिलकुल सहमत हैं.

AlbelaKhatri.com ने कहा…

khari baat

Abhay ने कहा…

kuch logo se safalta hazam nahi hoti
Dhoni unme se ek hai

राज भाटिय़ा ने कहा…

कल तक तो सभी इस का नाम जप रहे थे.... वेसे कितने मेच जीता है आज तक???

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

हकीकत तो यही है!

शिवम् मिश्रा ने कहा…

एक बेहद उम्दा पोस्ट के लिए बहुत बहुत बधाइयाँ और शुभकामनाएं |
आपकी चर्चा ब्लाग4वार्ता पर है यहां भी आएं |

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

सही कहा आपने.

रामराम