रविवार, 17 जनवरी 2010

यदि यह सच है तो .............................

क्रिस्टोफर मारलो, अपने जमाने का एक विख्यात नाटककार। लोग दिवाने थे उसकी रचनाओं के। उसके लिखे कथानकों में भेद करना मुश्किल था कि वे सच्ची घटनाओं पर आधारित हैं या काल्पनिक कथाएं हैं।
1593 में उसकी एक सराय में रहस्यमय स्थितियों में हत्या कर दी गयी। शक की उंगली शेक्सपियर की ओर भी उठी क्योंकि बाद में मारलो के सारे नाटक शेक्सपियर के नाम से छपे थे।
अब इसमें कितनी सच्चाई है नहीं कहा जा सकता। क्या ऐसा सचमुच हुआ था या यह सिर्फ बदनाम करने की साजिश है।
आप में से किसी को इस बारे में और जानकारी हो तो अवश्य बतायें।

7 टिप्‍पणियां:

बेनामी ने कहा…

Maine Shakespeare ko letter likh diya hai, jaise hi jawab ayega bataunga.

Waise kya aap ko pata hai kehte hai ki Year 1921 mein ek mahan rachnakar the jinka naam tha Pandit Bhimraj Varma. Inhone bahut saare kahani aur upanyas likhe the.

Baad mein unki rahasyamaya sthiti mein kidnapping ho gayi. Fir mile hi nahi.

Kehte hai ki kidnapping Munshi premchand ji ke papa ne karayi thi aur baad mein inki kahaniya munshi premchand ke naam se chhapi.

Kya aap is par roshni daal sakte hain?

हिमांशु । Himanshu ने कहा…

शेक्सपीयर की रचनाओं को लेकर यह विवाद बहुत दिनॊं से चला आ रहा है कि यह वस्तुतः मार्लो की लिखी रचनायें हैं । पर केवल घटनाओं के संयोग के कारण यह मान लेना कि एक ही समय में दो एक से प्रतिभासम्पन्न कलाकार या नाटककार नहीं हो सकते, ठीक नहीं है ।
यह जरूर है कि दोनों की कुछ रचनायें एक व्यक्ति की रचनाओं-सी लगती हैं ।

वैसे बेनामी भाई के रहस्योद्घाटन की प्रतीक्षा कीजिये ! शेक्सपियर से नजदीक का संबंध समझ में आता है इनका । चिट्ठी-पत्री भी चलती है शेक्सपियर से ।

नेहा पाठक ने कहा…

yah sab to pata nahi lekin post ko dekhkar "aha!zindagi" naamak patrika mei chhapa lekh yaad aa gaya. Lekh kuchh is vishaymei tha ki safaltaa aur achchhaai, zaroori hi nahi hamesha saath saath chale. is liye aisee baato ko ek sire se nakar bhi nahi sakte.

राज भाटिय़ा ने कहा…

सब कुछ हो सकता है

अमरेन्द्र नाथ त्रिपाठी ने कहा…

हिमांशु भाई के सुर में मेरा भी सुर है ...

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

नही पता है जी!

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

बेनामी भाई बता भी दो.