गुरुवार, 20 अगस्त 2009

शम्मी कपूर, भारत के पहले इंटरनेट गुरु

शम्मी कपूर! जी हां, शम्मी कपूर। बहुत से लोगों को यह जान कर हैरत होगी कि शम्मीजी 1988 से कम्प्यूटर और इंटरनेट का लगातार इस्तेमाल करते आ रहे हैं। इस तरह भारत में इस टेक्नोलोजी का सबसे पहले उपयोग करने वाले इने-गिने लोगों में उनका स्थान है। आज यह 80 वर्षीय इंसान फ़िल्म जगत का सबसे अधिक पारंगत कम्प्यूटर यूजर है।
जब पहली बार वे कम्प्यूटर और प्रिंटर घर लाए थे तो दिन भर उस पर अपने प्रयोग करते रहते थे। एक बार उनके दामाद केतन देसाई के साथ अनिल अंबानी उनके घर आए तो सारा ताम-झाम देख कुछ समझ ना पाये और पूछ बैठे कि क्या शम्मी अंकल ने घर पर ही डेस्क-टाप पब्लिशिंग शुरू कर दी है। इतने बडे ओद्योगिक समूह रिलायंस के अनिल अंबानी द्वारा ऐसा सवाल यह दर्शाता है कि उस जमाने में पर्सनल कम्प्यूटर नाम की किसी चीज से लोग कितने अनभिज्ञ थे।
इसीसे यह तथ्य भी पुख्ता होता है कि शम्मीजी भारत में कम्प्यूटर और इंटरनेट के घरेलू उपयोग को बढ़ावा देने वाले रहे हैं। इसीलिए उन्हें भारत का पहला इंटरनेट गुरू या साइबरमैन कह कर पुकारा जाता है। इसी शौक से उन्हें अपने पचास साल पुराने दोस्त, जो विभाजन के पश्चात पाकिस्तान चले गये थे, से संपर्क साधने का मौका मिला और आज दोनो दोस्तों की फिर खूब छनती है इंटरनेट पर।
इस तकनीक को धन्यवाद जिसने इस दोस्ती को फिर जिंदा कर दिया। यही तकनीक आज बहुत से ऐसे लोगों को दुबारा मिलाने की जिम्मेदार है जो किन्हीं कारणों से एक दुसरे से बिछुड गये हैं।

12 टिप्‍पणियां:

ओम आर्य ने कहा…

एक सुन्दर सन्देश इस पोस्ट के माध्यम से सम्प्रेशित की ........बहुत बहुत बधाई

पंकज शुक्ल ने कहा…

याहू....शम्मी जी ने इंटरनेट यूजर्स की एक भारतीय संस्था भी बनाई थी, उसके बारे में कुछ तफ्सील से मिल सके तो ज़रूर साझा कीजिएगा..

sanjay vyas ने कहा…

आभार आपका. शम्मी अपने आपको नए ज़माने की ज़रूरतों के हिसाब से reinvent करने वाले इंसान है.

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

शम्मी कपूर जी के इस शौक के बारे मे विस्तार से दैनिक भास्कर की पत्रिका अहा जिंदगी मे ...में बहुत ही विस्तार से लिखा गया है. जिसे भी अधिक जानकरी चाहिये वे उपरोक्त पत्रिका मे पा सकते हैं.

रामराम.

लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` ने कहा…

Very TRUE -- SHAMMI KAPOOR ji's Web Site is very detailed about KAPOOR FAMILY

शरद कोकास ने कहा…

सच तो यह है कि शम्मी जी इस एकांत साधना मे लगे रहे और इस माध्यम से लोकप्रिय होने की कोई ललक उनके भीतर नही रही वरना वे ही आज के लोकप्रिय और सबसे बड़े अड्डेबाज़ होते

अनूप शुक्ल ने कहा…

सुन्दर! सुना है याहू साइट का नाम उनकी फ़िल्म जंगली के गाने से लिया गया!

Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" ने कहा…

इस विषय में पढा तो हमने भी था दैनिक भास्कर की पत्रिका में!!

बी एस पाबला ने कहा…

यकीनन इंटरनेट गुरू हैं शम्मी जी।
अहा! ज़िंदगी का वह अंक है मेरे पास। कोई कहे तो स्कैन कर डाल दूँ

शिवम् मिश्रा ने कहा…

आभार आपका |
शम्मी जी और आपको बहुत बहुत शुभकामनाये |

मुनीश ( munish ) ने कहा…

@ B S Pabla-- Sir ji pls scan n' upload it . I knew about Shammi ji's hobby , but never knew that he is still active on net ! Thnx for ur post .

जितेन्द़ भगत ने कहा…

रोचक जानकारी।