रविवार, 9 अगस्त 2009

हंसी न भी आयी तो मुस्कराहट तो जरूर आयेगी.

संता, बंता तथा कंता पुलिस में भर्ती होने गये। उनको अपराधियों की शिनाख्त करने के लिये एक फोटो दिखाई गयी जिसमें एक आदमी का बगल से खिंचा गया चित्र था। पहले कंता से पूछा गया कि इस आदमी की क्या खासियत है? इसे कैसे पहचानोगे? कंता बोला, अरे यह तो बहुत आसान है। इस आदमी का एक ही कान है। इसे तुरंत पहचान लूंगा। सामने वाले ने अपना सिर पीट लिया। इसके बाद बंता को बुला कर उससे भी वही सवाल पूछा गया, उसने भी झट से जवाब दिया कि एक आंख वाले को पकड़ने और पहचानने में कोई दिक्कत नहीं है। साक्षात्कार लेने वाला झल्ला कर बोला, कैसे बेवकूफ हो तुम्हें इतना भी नहीं पता कि यह साइड पोज है। चलो भागो यहां से। चले आते हैं पुलिस में काम पाने। अब संता की बारी थी। उसको बुला कर भी वही सवाल पूछा गया, कि इस आदमी को कैसे पहचानोगे? संता ने गौर से फोटो देखी और बोला, मैं इसे पहचान लूंगा, क्योंकि इसने कान्टेक्ट लेंस लगाया हुआ है। साक्षात्कार लेने वाला हैरान। यह बात तो उसे भी मालुम नहीं थी। तुरंत फाइलें खंगाली गयीं तो पाया गया कि संता का कहना सही है। सबने उसकी सूझ-बूझ की बड़ी प्रशंसा की। फिर ऐसे ही उससे पूछ लिया गया कि उसे यह बात कैसे पता चली। संता बोला, जी यह तो कामन सेंस की बात है। एक आंख वालों की नज़र कमजोर होती है और इस बेचारे का कान भी एक ही है तो यह चश्मा तो पहन नहीं सकता। जाहिर है यह कांटेक्ट लेंस ही लगाता होगा।
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एक बार संता पर भगवान की कृपा हो गयी। भगवान ने कहा कि तुम्हें दो चीजों में से कोई एक चीज मिल सकती है, या तो तुम सारे जमाने की अक्ल ले लो या फिर दस करोड़ रुपये। संता ने अक्ल मांग ली। प्रभू ने उसकी इच्छा पूरी कर दी। दूसरे दिन वह उदास बैठा था। उसकी बीवी ने जब उसकी उदासी का कारण पूछा तो वह बोला, 'भागवान मुझे रुपये लेने चाहिये थे'।
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एक बार पागलखाने के डाक्टरों को लगा कि उनके तीन मरीज ठीक हो गये हैं। फिर भी उन्हें घर भेजने के पहले एक टेस्ट कर लेना उचित समझा गया। तीनों को एक खाली स्विंमींग पूल पर ले जाकर डाक्टर ने कहा, पूल में छलांग लगाओ। यह सुनते ही दो पागल कूद पड़े और चोट खा बैठे। डाक्टर ने तीसरे की तरफ देख कहा कि तुम बिल्कुल ठीक हो गये हो लगता है पर यह बताओ कि तुम क्यूं नहीं कूदे?
मुझे तैरना कहां आता है। तीसरे ने मासूमियत के साथ जवाब दिया।

5 टिप्‍पणियां:

mehek ने कहा…

bahut mazedar:)

P.N. Subramanian ने कहा…

चलिए मुस्कुरा ही लिए. आभार.

~PakKaramu~ ने कहा…

Pak Karamu reading your blog

रचना गौड़ ’भारती’ ने कहा…

आज़ादी की 62वीं सालगिरह की हार्दिक शुभकामनाएं। इस सुअवसर पर मेरे ब्लोग की प्रथम वर्षगांठ है। आप लोगों के प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष मिले सहयोग एवं प्रोत्साहन के लिए मैं आपकी आभारी हूं। प्रथम वर्षगांठ पर मेरे ब्लोग पर पधार मुझे कृतार्थ करें। शुभ कामनाओं के साथ-
रचना गौड़ ‘भारती’

हिमांशु । Himanshu ने कहा…

मजा आया । शानदार ।