शुक्रवार, 13 फ़रवरी 2009

देवताओं ने किसी को भी नहीं बक्शा

भक्त प्रह्लाद। भगवान का परम भक्त । भक्ति भी ऐसी कि उसके पिता को अपनी जान गंवानी पड़ी। उसी का बेटा विरोचन और विरोचन का बेटा बलि। बलि यानि प्रह्लाद का पोता। उसके जैसा दानी, पराक्रमी, प्रजा पालक शयाद ना हुआ ना होगा। तीनों लोकों का विजेता। देवता फिर संशकित अपने प्रभुत्व को बचाने के लिये विष्णु जी की शरण में गये। भगवान ने वामन रूप धरा और दो पगों में धरती-आकाश नाप लिये तीसरे पग के लिये बलि ने अपनी पीठ नपवा दी। फिर एक बार छल की जीत हुई। बलि को पाताल भेज दिया गया और स्वर्ग फिर देवताओं को मिल गया।
यह नहीं देखा गया कि प्रह्लाद का क्या योगदान था या बलि का कसूर ही क्या था

12 टिप्‍पणियां:

mehek ने कहा…

bahut achhi bat batayi,iska matalab yahi hua ke jab apne jan pe ban aayi tho devta bhi chalkapatkar lete hai,waha insaan to kuch bhi nahi galti ka putala hai phir.hey bhagwan

PN Subramanian ने कहा…

बैठे बिठाये बलि को मोक्ष भी तो मिल गया. वह तो यह जान भी रहा था की विष्णुजी की अनुकम्पा हो गई है.

Nirmla Kapila ने कहा…

bilkul sahi prashan hai aapka tabhi to aaj kal sabhi devata banne ke chakar me hain

मोहन वशिष्‍ठ ने कहा…

सच्‍चाई पर आधारित है
और यह भी सच ही है कि विष्‍णु ने हमेशा छल कपट से ही काम लिया है
राक्षसों से अमृत छीनना हो या जरासंध का वध करवाना हो या बाली का वध हर तरफ लेकिन फिर भी उन्‍होंने पृथ्‍वी तारी है

Ratan Singh Shekhawat ने कहा…

यही तो राजनीती और कूटनीति होती है ! देवताओं ने भी इस तरह राजनीती व कूटनीति का खेल खेल कर अपने स्वर्ग का राज बचाए रखा !

परमजीत बाली ने कहा…

रतन जी सही कह रहे है।राजनिति ही है यह।

राज भाटिय़ा ने कहा…

यह विष्‍णु कही काग्रेस पार्टी का नेता तो नही ???
शर्मा जी मै इन सब के बारे इतना नही जानता.
धन्यवाद

समयचक्र - महेद्र मिश्रा ने कहा…

bahut badhiya post. devata or rakshas dono rajaniti or kootaneeti se kaam lete the .
समयचक्र: चिठ्ठी चर्चा : वेलेंटाइन, पिंक चडडी, खतरनाक एनीमिया, गीत, गजल, व्यंग्य ,लंगोटान्दोलन आदि का भरपूर समावेश

हिमांशु ने कहा…

देवता किसी को नहीं बख्शते ।

सच्चा शरणम

Poonam Agrawal ने कहा…

Devta bhi rajniti se alag to nahi....Achchi post hai

Amit ने कहा…

acchi post hai....

Atul Sharma ने कहा…

रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी देने के लिए आपको धन्‍यवाद।