सोमवार, 17 नवंबर 2008

हंसिये, औरों को भी हँसाईये

नाइट-शो देख कर पति-पत्नि लौटे ही थे कि कि पतिदेव के दोस्त आ गये। पत्नि पति को एक तरफ ले जा बोली, खाने के लिए सिर्फ दाल पड़ी है, इतनी रात को अब क्या किया जाए? पतिदेव ने अपनी अक्ल दौड़ाई और बोले, एक काम करो, मैं उनसे बातें करता हूं, तुम रसोई में कुछ खटर-पटर कर एक बरतन गिरा देना। मैं बाहर से पुछूंगा कि अरे क्या गिरा। तुम जवाब देना, सारे कोफ्ते गिर गये। थोड़ी देर में तुम एक और बरतन गिरा देना। मैं फिर पुछूंगा, अब क्या हुआ। तुम कहना कि सारा रायता बिखर गया। मैं बोलुंगा, ध्यान से उठाना था ना। चलो कोई बात नहीं, यशजी कौन से पराये हैं, अपने घर के बंदे ही हैं। तुम दाल रोटी ही ले आओ। सेटिंग हो जाने के बाद पति देव बाहर आ अपने दोस्त से बतियाने लगे। इतने में रसोई से कुछ गिरने की आवाज आई, पति देव ने पूछा, अरे क्या हुआ? अंदर से जवाब आया :- दाल गिर गयी।
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संता, बंता तथा कंता एक ही बेड पर सो रहे थे। जगह कम थी। कंता नीचे उतर कर जमीन पर लेट गया। तभी संता बोला, ओये कंते ऊपर आजा, जगह हो गयी है। ************************************************
संता रोज रात को सोते समय कमरे में दो ग्लास रख कर सोता है। एक पानी से भरा हुआ और दूसरा खाली। क्योंकि उसे यह पता नहीं होता कि रात को प्यास लगेगी कि नहीं।

11 टिप्‍पणियां:

Abhishek ने कहा…

बहुत ही मजेदार जोक्स. संता-बंता तो सुपरस्टार हो ही गए हैं,आपने तो कंता की भी एंट्री करा दी. बधाई.

संगीता पुरी ने कहा…

हा हा हा , बहुत बढिया।

mehek ने कहा…

ha ha bahut mazedaar

तेरे लिये ने कहा…

:-)

रंजना [रंजू भाटिया] ने कहा…

बहुत बढ़िया :)

विवेक सिंह ने कहा…

हा हा हा , बहुत बढिया। बधाई.

जितेन्द़ भगत ने कहा…

आज आपके चुटकुले पर मेरे घर के सभी सदस्‍य ठहाके लगा-लगाकर थक गए। बस मजा आ गया।

राज भाटिय़ा ने कहा…

क्या बात है दाल ही गिरा दी.....
बहुत मजे दार.. अभी तो बीबी ओर बच्चो को सुनाऊ गा फ़िर ...
धन्यवाद

सौरभ कुदेशिया ने कहा…

bahut khub..din ki suruaat muskurahat se karane ka dhanyaawad.

Suresh Chandra Gupta ने कहा…

खूब हँसे, आप ने खूब हंसाया.

नारदमुनि ने कहा…

smile se badkar kuchh nahin ,magar afsos ham muskurana bhul gaye hain.maine ye sriganganagar me mahsus kiya laughter club ka adhyaksh hone ke naate.
narayan narayan