शनिवार, 20 सितंबर 2008

टेंशन मुक्त होने के लिए

दो चलाकू टाईप के आदमी दिल्ली से, रात में कहीं जाने के लिए ट्रेन के डिब्बे में चढ़े, तो पाया कि कहीं बैठने तक की जगह नहीं है। तभी उनमें से एक चिल्लाने लगा, सांप-साप, भागो-भागो। इतना सुनना था कि सारे यात्री सर पर पैर रख भग लिए। दोंनो ने एक दूसरे को मुस्करा कर देखा और ऊपर की बर्थ पर चादर बिछा कर सो गये। सबेरे नींद खुलने पर उन्होने पाया कि गाड़ी कहीं खड़ी है, उन्होनें बाहर झाड़ु देते आदमी से पूछा कि भाई कौन सा स्टेशन है? उसने जवाब दिया, दिल्ली। अरे दिल्ली तो कल रात में थी, इन्होंने पूछा। तो जवाब मिला, साहब, कल रात इस डिब्बे में सांप निकल आया था तो इस डिब्बे को काट कर अलग कर बाकी गाडी चली गयी थी।
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संताजी का स्टेशन रात दो बजे आता था, सो वे अटैंडेंट को रात में उठाने को कह सो गये। पर जब आंख खुली तो सबेरा हो चुका था। इनका पारा गरम, जा कर अटैंडेंट का गला पकड लिया और दुनिया भर की सुना उस की ऐसी की तैसी कर दी। अटैंडेंट को चुप देख संताजी दहाडे कि बोलता क्यूं नहीं कि मुझे क्यों नहीं जगाया? अटैंडेंट बोला क्या बोलुं सर, आप तो फिर भी ट्रेन में हैं, मैं तो उस बेचारे का सोच कर परेशान हूं, जिसको मैने जबरदस्ती रात को सुनसान स्टेशन पर उतार दिया है।

6 टिप्‍पणियां:

परमजीत बाली ने कहा…

बहुत बढिया!!

जितेन्द़ भगत ने कहा…

मजेदार जोक्‍स।

Udan Tashtari ने कहा…

हा हा!! हो गये टेंशन मुक्त!!

राज भाटिय़ा ने कहा…

कया बात हे सेर पे सवा सेर , हंस हंस के पेट मे बल पड गये.

chetan ने कहा…

maja aa gayaa.

chetan ने कहा…

gajab ke jokes. majaa aa gayaa.

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